loading...
loading...
Home » , , , , , , , » सौतेली माँ को चोदा पापा की अनुपस्थित में

सौतेली माँ को चोदा पापा की अनुपस्थित में

कमसिन सौतेली माँ की चुदाई,Desi xxx chudai kahani,सौतेली माँ को फुसलाकर चोदा,Sauteli maa ko choda,माँ की चुदाई कहानी,Maa beta ki sex kahani,सौतेली माँ की चूत में मोटा लंड दिया,Hindi xxx mastaram sex kahani,Antarvasna ki kamuk kahani,Kamvasna hindi xxx stories,

एक दिन मेरी सौतेली ने मेरी चुदाई की भूख को मुझसे चुद कर मिटाया, जब मेरे पापा का क्लिनिक चंडीगढ़ चला गया था। घर में सिर्फ़ मैं और मेरी सौतेली माँ (क्योंकि मेरी माँ मर चुकी है) रहे थे।तीन-तीन माशूका होने के बावजूद! अच्छी तरह चुदाई ना कर पाने से! मैं बहुत निराश हो गया था। ज्यादा सोचने पर! मुझे अपने घर में मेरी सौतेली माँ ही मिली।माँ के गदराए जिस्म देख मुठ मारा जिसे मैं अब तो ख़ासकर बड़े आराम से चोद सकता था। चूँकि! मेरे सामने मुसीबत इस बात की थी, कि वो मुझे अपने सगे बेटे की तरह मानती थी! मुझे बहुत प्यार करती थी।
Sauteli maa ki chudai xxx real kahani
सौतेली माँ को चोदा पापा की अनुपस्थित में
किसी भी बात की परवाह ना करते हुए! मैंने एक दिन सोच लिया! कि कुछ भी हो! मैं सोचता रहूँगा तो कुछ नहीं होगा!मैं बस मुठ ही मारता ही रह जाऊँगा! उनकी चूचियाँ, फिगर और गांड को देखकर!माँ की चूचियों के साफ दर्शन मेरी सौतेली माँ का नाम सोनी है। जो कि पापा प्यार से बुलाते हैं और उनका फिगर 34-30-36 है! रंग गोरा है और लंबाई 5′ 6″ है।एक बार की बात है! जब मैं कॉलेज से लौटा, तो माँ घर का काम कर ही थी। काम करते करते उनका बदन पसीने से भर गया था।मैं जैसे ही! घर की दरवाजे की घंटी बजाई, तो माँ ने दरवाज़ा खोला और बोली- आ गए बेटा! मेरा पहला ध्यान माँ की चूचियों पर गया! जो की काले ब्रा में साफ झलक रही थी।उसी दिन से मैं अपनी सौतेली माँ की याद में मुठ मारना शुरू कर दिया, और उन्हें चोदने का उपाय भी मेरे दिमाग में आया!मेरी असली माँ तो हैं नहीं! तो मैं ऐसा कर लूँ! तो क्या बुराई होगी! इसीलिए मैंने योजना शुरू कर दी।मैंने ध्यान दिया!ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।कि मेरे पापा को गए हुए 2-3 महीने हो चुके हैं! कई बार मुझे उनकी चुदाई की बहुत ही हल्की आवाजें आती थी!ऐसा हो सकता है! कि अभी भी मेरी माँ हस्तमैथुन करती होंगी! यानी खुद से मज़े लेना! अपने आपको उत्तेजित करके! अब मैंने हर रात माँ के कमरे की चौकीदारी शुरू कर दी।मैं नसीब वाला था! कि 8वें दिन को ही, जब मैं पानी पीने के बहाने! माँ के कमरे के साथ जो खिड़की है, उसमें से झाँका! तो मेरे होश उड़ गए!माँ जाग रही थी, और अपने पेट पर नाईटी को उठा कर सहला रही थी। वो हल्का हल्का! कभी कभार! अपनी चूत के ऊपर अपना हाथ रख कर थोड़ा सा रगड़ रही थी।मेरी माँ को देखा! मैंने तो उनकी जाँघ अँधेरे में भी चमक रहा था। मैंने वहीं अपना लगभग 7 इंच लंबा लण्ड! जो पूरा अकड़ चुका था, उसे निकाल कर हल्का मुठ मारने लगा।यह नज़ारा देख कर! मैं समझ गया! कि हो सकता है, माँ हर दिन अपने आपको संतुष्ट कराना चाहती हों! मेरे देखने से पहले ही झड़ कर सो जाती हों!

माँ को चूत में उंगली करते देखा, Chudai kahani, mummy ki gand choda thuk laga kar, sex kahani

मैंने खुद को कहा- अब समय बर्बाद नहीं करना चाहिए! अगले ही दिन! मैं अपने दोस्त की बताई हुई, चुदाई बड़ाने वाली दवा मार्केट से लेकर आया।माँ को चुदास बढ़ाने वाली दवा दी,मुझसे रुका ना गया! तो मैंने सोचा! क्या रात तक का इंतज़ार करूँगा! माँ को किसी तरह पानी में मिला कर खिलवा देता हूँ! और शायद! काम जल्दी हो जाए!रात हो ही रही थी! शाम के 7 बज रहे थे! यानी हल्की रात हो गई थी! और माँ जब काम कर रही थी। तब मैंने सोचा! माँ को बोलूँ, कि पानी पी लो और मेरा काम हो जाएगा!मैं जब उन्हें पानी पिलाने गया, तो उन्होंने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी! और उनका पेट काफ़ी दिखा रहा था! उस जगह! उस स्थिति को देख कर जिस पर हल्का सा पसीना था!मेरा लण्ड मानो बाहर आने क लिए फड़कने लगा! जब माँ ने पानी पी लिया, तो मैं अपने कमरे में चला गया। दवाई विक्रेता ने कहा था, कि दवाई का असर आधे घंटे बाद होगा।मैं आधे घंटे का इंतज़ार करने लगा।ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।करीब 15 मिनट बाद! माँ बोली, कि यश बेटा मेरा सर हल्का हल्का भारी हो रहा है। और मैं सेरिडोन लेकर लेटने जा रही हूँ!मैंने सोचा! आज तो तुझे चोद कर ही रहूँगा! यह सोचते हुए! जोश मैं आकर मैंने सेरिडोन की जगह, माँ को एक और गोली दे दी ताकि असर बढ़े!मैं और पास आकर! बेड के बगल में माँ का हल्का हल्का सिर दबाने लगा। मैंने देखा! कि, मेरी माँ अपने आपे से बाहर होने लग गई थी!उनको और ज़्यादा पसीना हो रहा था! और जब मैंने ध्यान से देखा! तो उनकी चूचियाँ बहुत कस चुकी थी! उनकी आँखें बंद हो रही थी! हल्की हल्की और वो मदहोश होने लगी!मैंने सोच कर! अपने योजना के मुताबिक! मैंने माँ को कहा, कि माँ मैं एक बात बोलूँ बुरा मत मानना!

सौतेली माँ को चोदा योजना बनाकर, Sauteli maa ki chut phad diya, Sauteli mummy ki yoni phad diya.

माँ से नीचे में जलन का बहाना बनाया
माँ ने कहा- हाँ! बोलो बेटा!

मैंने कहा- माँ कई दिनों से मेरे नीचे बहुत जलन होती है। लगता है! डॉक्टर को दिखाना पड़ेगा!

मैं जानता था! कि माँ अपने आपे से बाहर हो गई हैं! इसीलिए कुछ जवाब तो देंगी! मगर, माँ ने मुझे बोला- ठीक हैं! बेटा, अभी तू जाकर आराम कर!

मेरे अरमानो पर! जब पानी फिरते हुए मैंने देखा! तो मैंने कहा, कि आऐ! ईय! ईई माँ!! बहुत ज़्यादा जलन होने लगा गया है, आजकल!

मम्मी के कहने से उनकी सहेली को चोदा,Mummy ko choda, Sauteli mom ki bur choda, hindi xxx kahani

मैं और एक बीमार की तरह नाटक करने लगा और माँ को कहा- माँ बहुत दर्द हो रहा है! माँ अपनी ममता के साथ बहुत परेशान सी हो गई!वो एकदम से उठकर बोली- बेटा बहुत ज़्यादा जलन हो रहा है! कहाँ हो रहा है?मैंने एकदम से! असली नाटक करते हुए! बिना शर्म लाज के! माँ के सामने अपनी जीन्स और अंडरवियर के नीचे कर दिए!माँ ने मेरे गिरे हुए! मगर अकड़ा हुआ लण्ड देखती ही रह गई! मगर माँ ने उसको छुआ नहीं और आस पास दबाने करने लगी!माँ बोली- बेटा अब बता! अब बता!मैंने कहा- माँ बहुत जलन हो रहा है, मेरे पैखाने के रास्ते में! तो माँ ने मेरा लण्ड हल्का सा छुआ और वो हल्का सा पानी छोड़ रहा था।मेरी किस्मत चमकी! तभी जब माँ बिना शर्म के! अपनी हल्की लाल आँखों से मेरे लण्ड! को इस तरह निहार रही थी। जैसे! उसे चूसना चाहती हों जी भरकर! पर कह ना पा रही हों!माँ थोड़ा शर्मा रही थी! फिर मैंने जानबूझ कहा, कि माँ हाँ! हाँ! थोड़ा अच्छा लग रहा है! और दर्द कम भी हो रहा है! अब माँ थोड़ा बहकने लगी थी,ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।और दवाई का असर दिखने लग गया था!माँ ना चाहते हुए भी! मेरे लण्ड को अपने हाथ से छोड़ ही नहीं रही थी! अब मैंने भी सोचा! कि कुछ देर और नाटक कर लेता हूँ! और वही हुआ, जिसका इंतज़ार था!माँ मेरे लण्ड की मुठ मारने लग गई थी! धीरे धीरे! और मैं लेट गया और सोने का नाटक करने लगता! मैंने देखा! मैं सो गया हूँ! यानी नाटक में! फिर भी माँ मेरी मुठ मारने में मस्त हैं!हिम्मत करते हुए! मैंने माँ की गर्दन को अपने हाथ से पकड़ा और अपने लण्ड की तरफ बढ़ाया! और मैं मानो जनन्त में चला गया!जिस औरत के मैं सपने देखा करता था! मेरा लण्ड आज उसके नाज़ुक होंठों के खुद को चुसवा रहा है और मज़ा तब आया! जब मेरा माल हल्का हल्का सा! निकालने लग गया था!यानी! मैं अब झड़ रहा था! तब मेरी माँ उसे साथ साथ पी भी रही थी! उस भद्दी चुदाई में, मेरी माँ का थूक और मेरे लण्ड का माल से थोड़ी गंदगी हुई!उससे मेरा और माँ का जोश मानो सातवें आसमान में चला गया था! मैंने मन में कहा कि अब माँ कुछ नहीं बोलेगी और शांति से मैं चोद लेता हूँ!

माँ की गांड में लंड रगड़ कर चोदा, Sauteli maa ki gand choda, mummy ki gand mari,kamukta sex kahani

अब कुछ कहा और माँ होश में आ गई! तो लेने के देने पड़ जाएँगे! मैं अब वो करने लगा! जो जो करने की सोचता था, अब आह! वो करने का समय आ गया था!सबसे पहले मैंने माँ की सीधा लिटाया! और जमकर उनके होंठों को चूसा! करीब 2 मिनट तक! मैं मस्ती के मूड में उनके गले को चाटा!मैंने जोश में माँ का ब्लाउज फाड़ दिया! और ब्रा को हटाया। अब गुलाबी-गुलाबी चूचियाँ तो खूब चाटा! चूसा और खींचा!माँ वहाँ सिसकियाँ ले रही थी- आआ! हह! आ! हह !!! हुउ! हुन्न्ं! आआ! हह आआ! आआ! ह्ह! मेरा जोश तब बढ़ा!जब मैं चूचियों को अच्छे से, 10 मिनट चूसने क बाद! उनकी गोरे गोरे पेट पर आया,ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।और कसम से यार! क्या खुसबू आ रही थी!मक्खन जैसी! नाभि मेरे सामने माहौल की वजह से बार बार ऊपर नीचे होने लगी। मानो मेरे होंठों को बुला रही हो!मैंने माँ के पेट को 1-2 मिनट चाटा और नाभि पर करीब 4-5 मिनट चूमा चूसा और अच्छे से चूसा चूचियाँ! फिर पेट! चूचियाँ- पेट चूचियाँ- पेट!मैंने अच्छे से चाटने, चूसने के बाद! मेरा झड़ा हुआ लण्ड फिर अकड़ने लगा! मैंने माँ का पेटिकोट धीरे धीरे खोला! माँ ने सफ़ेद रंग की पैन्टी पहनी हुई थी।उनकी चूत पानी से भीग चुकी थी! मैंने पहले एक मिनट! पैन्टी के ऊपर से ही माँ की चूत को चाटा! माँ ने भी मेरा साथ देते हुए, मेरे बालों को पीछे से पकड़कर अपनी चूत पर लगवाया।वो बिना कुछ बोलते हुए, बस मुझे चूत पर दबाए हुए रखा! धीरे से मैंने माँ की पैन्टी अलग की, और अपनी पैंट पूरी उतार कर लण्ड को माँ के ऊपर लेते हुए चूत से सटा दिया।चुद चुद कर माँ की चूत इतनी टाइट तो नहीं रह गई थी! फिर भी मेरी ठरक था तो इसीलिए मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।लण्ड एक ही बार में! अन्दर चला गया! पूरे जोश में 10-12 मिनट! तक खूब झटके लगाने के बाद! मैं माँ की चूत में ही अपना सारा माल छोड़ बैठा!अब मैं जोश में! माँ से चिपककर उनके होंठों को चूसने लगा। जो मेरा माल माँ की चूत पर गिरा था, उसको हल्का हल्का सा यहाँ वहाँ बिखेरने लगा।

माँ की चूत को चोदा मैंने,Maa ki chut me lund dala,Sauteli maa ko choda xxx kahani,chudai kahani

मैंने कुछ देर में महसूस किया, कि माँ भी झड़ चुकी हैं! मैंने सोचा! अब माँ से माँफी माँग लेता हूँ! कि अंजाने में क्या क्या हो गया। मगर! मैं ग़लत था! औरत तो औरत होती है!माँ ने कहा- बेटा ऐसे ही चोद दिया करना! जब मैं कहूँ, पर यह रिश्ता सबसे दूर रखना! समाज में हमारी बहुत बदनामी होगी!यह सुनते ही! मैं तो जैसे पागल हो गया! तब मैं और माँ लगभग दिन में 4 बार तो चुदाई कर ही लेते हैं! जब पापा घर पर नहीं होते हैं!कैसी लगी मेरी माँ और बहन की चुदाई कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई मेरी माँ की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे ऐड करो Tagra lund ki pyasi sauteli mummy

1 comments:

loading...
loading...

चुदाई कहानी,Sex kahaniya,chudai kahani,mom ki chudai,didi ki chudai

Delicious Digg Facebook Favorites More Stumbleupon Twitter