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मकान मालकिन आंटी को चोदा

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एक दिन रविवार को दिन के समय हम लोग घर पर पढ़ाई कर रहे थे और फिर उसी समय उनके घर का मालिक आया और किराए के बारे में बोलने लगा तो उसकी माँ बोली कि प्लीज आप और थोड़े दिन रुकिये में कोई काम ढूंड रही हूँ जैसे ही मुझे काम मिलेगा में आपको किराया दे दूँगी। फिर वो बोला कि अभी तक पिछले तीन महीने का किराया बाकी है क्यों इतना पैसा कहाँ से ला कर दोगी? तो वो बोली कि प्लीज आप मुझे थोड़ा और समय दे दीजिए में आपको सब दे दूँगी.. लेकिन वो नहीं माना तो आंटी बोली कि में आपको थोड़ी देर बाद घर आकर पैसे दूँगी और फिर वो यह बात सुनकर चला गया और हम लोग भी बाहर आ गये और आंटी को पूछा कि अब कैसे होगा? और पैसे कहाँ से आएँगे?
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वो बोली कि में कहीं से करके देती हूँ और हम लोग घर से बाहर खेलने निकल गये और थोड़ी देर खेलने के बाद हम लोग वापस आए तो हमे रास्ते में आंटी मकान मालिक के घर पर जाती हुई दिखी और हम लोग भी उनसे चाबी लेने के लिए उनके पीछे जाने लगे और फिर वो अंदर चली गई और उन्होंने दरवाजा भी बंद कर लिया तो हम लोग एक खिड़की से अंदर देखने लगे और हमने देखा कि वो उन्हे बेडरूम में ले गया था।फिर वो दोनों बातें कर रहे थे और जब हम आंटी को चाबी के लिए आवाज़ देने ही वाले थे कि उतने में ही हमे मकान मालिक की आवाज़ सुनाई दी.. वो कह रहा था। में आपका पहले का सारा किराया छोड़ दूँगा.. लेकिन आपको मेरा एक काम करना होगा.. तो आंटी बहुत खुश हो गई और खुश होकर बोली कि बताईए क्या काम है? और हम भी बड़े ध्यान से उनकी बातें सुनने लगे कि वो क्या काम हैं? और हम भी खुश थे कि हमारी एक तो टेंशन कम हुई।

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मकान मालिक : आओ मेरे साथ बेड पर सो जाओ।

आंटी : क्या बात कर रहे हैं आप? और बाहर हमे भी उनकी यह बात सुनकर बहुत गुस्सा आने लगा था।

मकान मालिक : जो आपने सुना वो एकदम सही है और में इसके बाद आपको काम भी दूँगा।

आंटी : कैसा काम?

मकान मालिक : मेरे सभी मकानों का किराया.. सभी लोगों से लेकर आना और मुझे उनका हिसाब देना।

दोस्तों उसके बहुत सारे मकान और गोदाम थे और वो सभी उसने किराए पर दिए हुए थे।

आंटी : यह काम तो ठीक है.. लेकिन बेड पर नहीं सो सकती।

मकान मालिक : तो में इसमें तुम्हारी कोई भी मदद नहीं कर सकता.. अब तुम ही सोच लो कि तुम्हे क्या करना है? किराया दो या फिर शाम तक घर खाली कर दो।

आंटी : में अपने बच्चो को लेकर कहाँ जाउंगी.. प्लीज़ मुझ पर थोड़ा रहम करो।

मकान मालिक : नहीं में कुछ नहीं जानता मैंने जो कहा वो मान जाओ नहीं तो मेरा मकान खाली कर दो।

तो आंटी एकदम चुप होकर सोचने लगी उनके माथे की लकीरे उनकी टेंशन को बता रही थी कि वो कितनी परेशान है और हम खिड़की से देख रहे थे। फिर हमने दोस्त की बहन को घर पर जाने को कहा तो वो बोली कि नहीं मुझे भी देखना हैं और में यहीं पर रुकूंगी नहीं तो में ज़ोर से चिल्लाउंगी और उनको पता चल जाएगा कि हम भी यहाँ पर मौजूद है तो हमने उसे बहुत समझाया.. हिंदी सेक्स की कहानियाँ,सच्ची चुदाई कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। लेकिन वो नहीं मानी तो हमने उसे वहीं पर रहने दिया।

आंटी : तो बहुत देर सोचकर बोली कि ठीक हैं आप जैसा भी कहेंगे में करने को तैयार हूँ।

तो हम लोग उनकी यह बात सुनकर एकदम चकरा गये कि आंटी ने क्या सोचकर यह बोला?

मकान मालिक : तो हम अपना काम अभी स्टार्ट करते हैं ठीक है।

आंटी : क्या घर पर कोई नहीं है?

मकान मालिक : नहीं इस समय में घर पर एकदम अकेला हूँ।

दोस्तों उसकी बीवी को गुज़रे हुए दो साल हुए थे और उसके दोनों बच्चे स्कूल गए हुए थे।

आंटी : हाँ फिर ठीक है दरवाजे को अच्छे से बंद कर दो।

मकान मालिक : ठीक है में अभी करता हूँ और उसने अपने बेडरूम का दरवाजा लगाया।

आंटी : प्लीज थोड़ा जल्दी कीजिए में घर पर ताला लगाकर आई हूँ और बच्चे बाहर खेलने गये हैं.. जब वो घर पर ताला देखेगे तो मुझे ढूंढते हुए इधर ही आएँगे।

मकान मालिक : ठीक है तुम कहती हो तो हम अभी एक बार ही सेक्स करेंगे.. लेकिन तुम आज रात को जरुर आ जाना हम एक बार फिर से बिना टेंशन के मज़े करेंगे।

आंटी : क्यों आज सिर्फ एक ही बार यह सब बार करना होगा ना?

मकान मालिक : आज से में तुमको काम पर रखूँगा तो तुम्हे महीने में सिर्फ एक ही दिन काम करना होगा और बाकी के दिन तो अपने मज़े मस्ती करने के हैं ना।

आंटी : नहीं नहीं में हर रोज यह सब तुम्हारे साथ नहीं कर सकती।

तो उसने फिर आंटी को डराना धमकाना शुरू किया और वो भी उससे डरकर उसकी बातों में आती चली गई और उनके पास कोई दूसरा चारा भी नहीं था ।

आंटी : ठीक हैं.. लेकिन दिन में सिर्फ एक बार और में रोज रात में नहीं आउंगी।

मकान मालिक : ठीक हैं और फिर आंटी अपनी साड़ी को धीरे धीरे ऊपर करने लगी।

मकान मालिक : अरे इस तरह नहीं हम अपने पूरे कपड़े निकालकर सेक्स के मज़े करेंगे।

आंटी : प्लीज़ मुझ पर रहम करो.. मैंने आज तक अपने पति के सिवा किसी के सामने कपड़े नहीं खोले और मुझे बहुत शरम आएगी।

मकान मालिक : तो उसमे क्या हुआ.. में अभी तुमसे शादी कर लेता हूँ।

आंटी : नहीं मुझ पर इतना ज़ुल्म मत करना और जैसा आप कहेंगे हम उसी तरह करेंगे।

फिर इधर हमने शालू को कहा कि अब घर पर चलो तो वो बोली कि नहीं मुझे एक बार देखना है और तुम लोग जाओ हम दोनों हैरान हो गये.. लेकिन अब हमारे पास भी कोई चारा नहीं था और हम उसकी हर बात मानने लगे।

मकान मालिक : अब जल्दी से अपने सारे कपड़े खोल दो।

आंटी बहुत शरमाते हुये अपनी साड़ी उतारने लगी तो वो बोला कि अरे शरमाओ मत समझ लो में ही तुम्हारा पति हूँ चलो छोड़ो में ही तुम्हारे कपड़े निकालता हूँ और उसने नीचे किए हुए पल्लू को पकड़ा और साड़ी को उतारने लगा। फिर उसने सबसे पहले साड़ी, फिर जल्दी से ब्लाउज को खोल दिया.. आंटी ने सफेद कलर की ब्रा पहनी हुई थी और वो बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा और साथ में आंटी के होंठो को भी किस करने लगा और अब आंटी गरम होने लगी थी और हम दोनों दोस्त भी यह सब नजारा देखकर धीरे धीरे गरम हो रहे थे और अब हमारे लंड ने भी अपना आकार बदलना शुरू कर दिया था और शालू बीच बीच में हमारे लंड को देख रही थी जो थोड़ी थोड़ी देर में झटके दे रहा था।फिर उसने आंटी के पेटीकोट का नाड़ा पकड़ा और एकदम से झटका देकर खींच दिया और वो पल भर में नीचे गया।ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है। फिर उसने आंटी को बाहों में जकड़ लिया और अपने दोनों हाथों से ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा को भी खींचकर बाहर निकाला और फिर पेंटी भी। तो अब आंटी उसके सामने पूरी तरह से नंगी थी फिर उसने अपने कपड़े भी उतार दिए और एकदम नंगा हो गया.. उसका लंड देखकर हम दोनों पागल हो गये और आंटी भी उसके लंड को देखकर कहने लगी हे भगवान कितना लंबा है.. बाप रे कम से कम 8-9 इंच लंबा तो होगा? यह इतना बड़ा लंड मेरी चूत के अंदर कैसे जाएगा?वो बोला कि क्यों तेरे पति का तो जाता है ना? तो आंटी बोली कि हाँ.. लेकिन उसका लंड इतना बड़ा नहीं है। फिर वो बोला कि तो कितना बड़ा है क्या 5 इंच का है? तो वो बोला कि तुझे मेरे लंड से पहली बार चुदाई में थोड़ी तकलीफ़ होगी.. लेकिन रात में बहुत आराम से जाएगा और फिर उसने आंटी को बेड पर लेटा दिया और अपने एक हाथ में बहुत सारा तेल लेकर आंटी के चूत पर लगाया और चूत को चूसने, चाटने भी लगा और थोड़ी देर चूसने के बाद आंटी से बोला कि अब तुम मेरा लंड चूसो।

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तो आंटी बहुत मजबूर थी उन्हे वो सब करना था जो उसने कहा और वो उठकर बैठ गई फिर उन्होंने उसके लंड अपने एक हाथ से पकड़ा और उसे डरते हुए धीरे धीरे मुहं में लेकर चूसने लगी। तो उसने सही मौका देखकर अपने लंड से आंटी के मुहं में पूरे अंदर तक धक्के दिए और फिर लगभग 10-15 मिनट लंड चूसने के बाद उसने लंड को बाहर निकाला और रसीली चूत के मुहं पर रखकर घुसाने लगा और एक जोरदार झटका लगाया। तो आंटी बहुत ज़ोर से चीख पड़ी प्लीज अह्ह्ह उह्ह्ह्ह माँ आईईईई धीरे करो नहीं तो में मर जाउंगी अह्ह्ह्ह मेरी चूत फट जाएगी।तो वो बोला कि तुम्हे कुछ नहीं होगा तुम थोड़ा दर्द सहन कर लो और फिर वो ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा और हम तीनों वो सब देख रहे थे और हम दोनों के हाथ अपने अपने लंड और शालू का हाथ उसकी मचलती हुई चूत पर जा चुका था और फिर शालू ने हम दोनों की ज़िप खोली और पेंट के अंदर हाथ डालकर देखने लगी और फिर मैंने अपना एक हाथ उसके कंधे पर रखा और उसकी कमीज के अंदर हाथ डालकर उसके बड़े बड़े बूब्स दबाने लगा और वो हम दोनों के लंड पेंट से बाहर निकालकर पूरे जोश से हिला रही थी,ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।और उधर आंटी भी बहुत मज़े से लंड को लेकर चुद रही थी और सिसकियाँ ले रही थी और वो ज़ोर ज़ोर से पूरे जोश में धक्के देकर उन्हें चोद रहा था और फिर करीब 40 मिनट बाद वो झड़ने लगा और हम दोनों तो कभी के झड़ गये थे और फिर भी शालू अभी तक पूरी मस्ती में थी।फिर मकान मालिक ने आंटी की चूत में ही सारा वीर्य छोड़ दिया और उनके ऊपर ही लेट गया। फिर करीब 10 मिनट के बाद वो दोनों अलग हो गये और आंटी ने कहा कि तुमने सारा माल अंदर ही छोड़ दिया और अगर कुछ हो गया तो? फिर वो बोला कि चिंता मत करो.. जाते जाते एक गोली खा लो।

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फिर आंटी ने कहा कि ठीक है अब में जाती हूँ.. मुझे बहुत देर हो गई है में रात आउंगी और वो कपड़े पहने लगी और वो आंटी को कपड़े पहनते हुए देख रहा था। तो आंटी ने एक एक करके सारे कपड़े पहन लिए.. लेकिन वो अभी तक नंगा ही था और आंटी जाने लगी तो उसने कहा कि अपनी चूत पर से पहले मेरे लंड के पानी को धो तो लो।  आंटी बोली कि नहीं अभी जाने दो बहुत देर हो गई है और वैसे भी मुझे अपने घर पर जा कर नहाना है। तो वो बोला कि अभी जाते जाते एक किस तो दो और फिर वो दोनों लिप किस करने लगे और वो आंटी के बूब्स को भी दबाने मसलने लगा.. ये सेक्स कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।जिससे आंटी और वो एक बार फिर से गरम हो गये और उसने आंटी की साड़ी को ऊपर करके उन्हे घोड़ी बनने के लिए कहा तो आंटी बोली कि अभी नहीं रात में जितना चाहे कर लेना.. लेकिन प्लीज मुझे अभी जाने दो।हम तीनों भी बाहर एक बार फिर से गरम हो गये और इस बार हम एक दीवार पर बैठे थे और शालू का पायजामा थोड़ा नीचे किया हुआ था और वो हमारे लंड की मुठ मार रही थी और हम दोनों उसकी चूत में उंगली कर रहे थे। फिर करीब 5 मिनट बाद हम वहां से निकल गये और आंटी भी कुछ देर बाद घर आ गई ।कैसी लगी मेरी आंटी की चूत चुदाई कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई मेरी आंटी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे ऐड करो Lund ki pyasi sexy aunty

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