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पड़ोसन भाभी की चूत को चोदा मक्खन लगाकर

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सामने वाली बिल्डिंग में एक दिन एक औरत किराए से रहने आई उस समय उसके पति हमारे देश से बाहर दुबई में नौकरी करते थे और उसकी एक भी लड़की थी. पति के बाहर नौकरी करने की वजह से घर पर वो दोनों माँ बेटी रहती.उसके फिगर का आकार 34-26-36 था और उसने बालों को खुला छोड़ दिया था. अब में मन ही मन सोचने लगा कि अगर यह लड़की एक बार मुझे चोदने के लिए मिले तो मुझे बहुत ही मज़ा आ जाएगा और फिर यह बात सोचकर मैंने उससे दोस्ती करने का फ़ैसला किया मैंने उसको बोला हाए तो उसने सामने से मुस्कुराकर जवाब देते हुए हाए कहा. फिर मेरी हिम्मत बढ़ी और मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने बताया कि उसका नाम पूजा है. मैंने फिर उसे अपना भी नाम बता दिया और उससे कहा कि में उसके पास वाली बिल्डिंग में ही रहता हूँ.
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फिर उसने भी कहा कि में भी तुम्हारे सामने वाली बिल्डिंग में ही रहती हूँ और फिर मैंने उससे पूछा क्या हम दोस्त बन सकते है? तब वो अपना हाथ आगे करते हुए बोली कि हाँ हम दोस्त बन सकते है और उसके बाद हम दोनों अपने अपने घर पर आ गये, उसके बाद वो मुझसे हर कभी मिलती रही और कभी कभी में उसके घर भी जाता था. तब इस बीच मुझे एक बात का पता चल गया कि उसकी कमज़ोरी चोकलेट है और में जब भी उससे मिलने जाता तो में उसको चोकलेट ले जाकर देता, जिसको देखकर वो बड़ी खुश हो जाती.रविवार का दिन था और में उसके घर पर चला गया, तो मैंने देखा कि उसकी माँ उनके एक रिश्तेदार के पास किसी काम से चली गयी और अब पूजा घर में अकेली थी. फिर में सोफे पर बैठकर टीवी देख रहा था और वो मेरे साथ मज़ाक करने लगी और मुझे छेड़ने, मस्ती करने लगी और वो मजाक में मुझे मारने लगी. फिर में भी उसको मारने लगा और ऐसे ही उसने एक बार मेरी छाती पर मार दिया तो मैंने भी जानबूझ कर उसकी छाती पर मार दिया, वो उसके बूब्स को छूने का मेरा पहला मौका और मुझे आगे बढ़ने की दिशा थी, जिसकी वजह से में मन ही मन बड़ा खुश था. फिर उसके बाद उसने मेरे पेट पर मारा तो मैंने भी उसके पेट पर मारा. अब उसने मेरे लंड पर मारा तो मैंने भी उसकी चूत पर मार दिया.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।दोस्तों उस समय में पहली बार किसी लड़की के बूब्स और उसकी चूत को छू रहा था. में अब तुरंत उसकी हरकतों को देखकर समझ गया कि पूजा को मुझसे क्या चाहिए? जब उसने एक बार फिर से मेरी छाती पर मारा तो मैंने मारने के बदले तुरंत झपटकर उसके बूब्स को पकड़ लिया और में उसके बूब्स को दबाने लगा.तब वो मुझसे पूछने लगी कि तुम यह क्या कर रहे हो? तो में उसके बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबाते मसलते हुए ही बोला कि जो तुझे चाहिए और अब वो मेरा जवाब सुनकर मेरी तरफ हल्का सा मुस्कुराई, लेकिन उसने मुझसे कुछ नहीं बोला और अब वो चुपचाप बैठी रही, उसने उस समय लाल रंग की स्कर्ट और पीले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी. फिर में उसके बूब्स को दबाते दबाते उसको किस करने लगा.

मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने कभी अपने बूब्स को किसी से दबवाया है? तो उसने शरमाते हुए ना कहा और तब में तुरंत समझ गया कि यह अभी तक कुँवारी है और इसको अपने बूब्स को मुझसे दबवाने में बहुत मज़ा आ रहा है, इसलिए यह मुझसे कुछ भी नहीं कह रही है. दोस्तों उसके बूब्स एकदम मस्त थे और में फिर उसके निप्पल को अपनी दो उँगलियों से मसलने लगा, तो वो दर्द से सिसक उठी आअह्ह्हहह उफफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई तुम यह क्या कर रहे हो? कहने लगी.फिर मैंने उसको बिना कुछ कहे अपनी गोद में उठाया और सीधा बेडरूम में ले गया और फिर बेड पर लेटा दिया. उसके बाद मैंने अपनी शर्ट को उतार दिया और उसके बाद मैंने अपनी पेंट की चेन को खोल दिया और अपनी पेंट को नीचे उतार दिया. में अब बस अंडरवियर में था और मेरा लंड लोहे की तरह सख़्त हो गया था, वो मेरी अंडरवियर में तंबू बना हुआ था.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब में उसके पास लेट गया और में उसको अपने नज़दीक लेते हुए उसके रसीले होंठो को चूसने लगा और मैंने अपने दोनों हाथ उसके बूब्स पर रख दिए और में धीरे धीरे उनको सहलाने लगा और उनको दबाने लगा. फिर कुछ देर बाद मैंने अपना एक हाथ उसकी टी-शर्ट में ले जाकर में अब उसके बूब्स को दबाने लगा और उस समय में उसकी टी-शर्ट के अंदर हाथ डालकर उसके बूब्स को छूकर बहुत अच्छा महसूस कर रहा था. वो सब में किसी भी शब्दों में लिखकर नहीं बता सकता कि उसके वो छोटे आकार के बूब्स कितने मुलायम मजेदार थे?मैंने कुछ देर उसके बूब्स को जमकर दबाने उनको निचोड़ने के बाद में उसकी टी-शर्ट को अब उतारने लगा तो उसने अपने दोनों हाथों को ऊपर करते हुए मेरी मदद की और टी-शर्ट के उतरने के बाद मैंने देखा कि उसने काले कलर की ब्रा पहनी हुई थी. मैंने अब उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को दबाना शुरू किया और कुछ देर के बाद मैंने अपना एक हाथ उसके पीछे कमर पर लेते हुए उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और उसकी ब्रा को उतारकर बेड पर फेंक दिया.

अब वो मेरे सामने नंगी बैठी हुई थी और मैंने उसको एक बार फिर से लेटाते हुए में अब उसके गोरे, बदन के ऊपर लेट गया और उसके दूध को चूसने लगा और में बीच बीच में उसके निप्पल को अपने दांतों के बीच में लेकर उसको काट भी लेता तो वो ज़ोर से चिल्ला पड़ती ऊईईईईईइ ऊउईईईईइ माँ मर गई, यह क्या कर रहे हो प्लीज मुझे ऐसे मत करो, बहुत दर्द होता है.अब में एकदम मदहोश हो गया, क्योंकि दोस्तों में आज पहली बार किसी लड़की के बूब्स को चूस रहा था और उनको ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था, उसके नंगे गोरे बदन को छूकर महसूस कर रहा था और अब में उसकी चूत को चोदने भी जा रहा था, लेकिन वो अभी तक मेरी पकड़ से थोड़ा दूर जरुर थी, लेकिन मुझे पूरा विश्वास था कि आज में उसकी चुदाई जरुर करके उसकी चुदाई के वो मज़े लूँगा और आज मुझे अपने उस सपने को भी पूरा करना था, जिसको में इतने दिनों से देखता आ रहा हूँ.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर थोड़ी देर के बाद मैंने सही मौका देखकर अपना एक हाथ नीचे ले जाते हुए उसकी स्कर्ट में डाल दिया और में उसकी पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा और जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत पर लगा तो वो अचानक से सिसक उठी आअहह्ह्ह ऊहहह्ह्ह. फिर मैंने उसके जोश को देखकर तुरंत उसकी स्कर्ट के हुक को खोल दिया और उसकी स्कर्ट को उतार दिया.फिर मैंने देखा कि उसने पीले रंग की पेंटी पहनी हुई थी और वो पेंटी चूत के पास वाले हिस्से से गीली हो गई थी, क्योंकि उसकी चूत से बहते हुए पानी ने उसको गीला कर दिया था. में अब उसकी चूत को पेंटी के ऊपर से ही सहलाने लगा और छूकर उसकी गरमी को महसूस करने लगा. फिर थोड़ी देर बाद में बैठ गया और उसकी पेंटी को निकालने लगा, लेकिन वो मना करने लगी.

फिर मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ? तब वो बोली कि मुझे बहुत शरम आती है और मैंने उससे बोला कि अभी भी तो तुम मेरे सामने नंगी हो, अब कैसी शर्म और तेरे पति के सामने तो तुझे वैसे भी नंगा ही होना है, तो फिर तुम मेरे सामने अभी क्यों नहीं नंगी हो जाती? और ऐसा कहते हुए मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया. अब वो मेरे सामने पूरी तरह से नंगी थी, वो बहुत शरमा रही थी और उसने अपने दोनों पैरों को एक के ऊपर एक रख लिए. मैंने उसके पैर अलग करके फैला दिए और में उसकी चूत को देखने लगा. वाह क्या मस्त चूत थी उसकी? एकदम कुँवारी और में तो उसको देखकर पागल हो उठा था, क्योंकि में पहली बार किसी लड़की के बूब्स और चूत को देख रहा था और वो शरमा रही थी.अब में अपनी एक उंगली को उसकी चूत में डालने लगा. उसकी चूत एकदम टाइट थी और में ज़ोर लगाकर अपनी उंगली उसकी चूत में डालने लगा. तभी वो आआहहह प्लीज धीरे धीरे डालो करके सिसक उठी और में अपनी दूसरी उंगली को उसकी चूत में डालने की कोशिश करने लगा.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर कुछ देर के बाद मेरी दोनों उँगलियाँ उसकी चूत में चली गयी और अब में मेरी उंगलियां उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से उसको मज़ा आने लगा और वो मस्त होकर सिसक उठी आहह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ् आईईईई माँ कुछ देर के बाद मैंने सही मौका देखकर अपनी अंडरवियर को उतार दिया, जिसकी वजह से मेरा 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड स्प्रिंग की तरह उछलकर बाहर आ गया.फिर वो मेरे लंड को देखकर हैरान हो गयी और अपनी चूत की तरफ देखती हुई बोली अमित यह तुम्हारा इतना बड़ा मोटा लंड मेरी इस छोटी चूत में कैसे अंदर जाएगा? देखो मेरी चूत का छेद तो इसके सामने बहुत छोटा है यह मेरे चूत में गया तो में तो मर ही जाउंगी, मुझे इसकी वजह से बहुत दर्द होगा और में इसके आगे यह सब काम नहीं कर सकती, प्लीज अब मुझे छोड़ दो, जाने दो मुझे प्लीज.

तभी में उससे बोला कि तुम इस बात की बिल्कुल भी टेंशन मत लो और यह तो तेरे इस छेद में फिसलता हुआ बहुत आराम से चला जाएगा, तुम्हे पहले पहले दर्द जरुर होगा, लेकिन उसके बाद तुम्हे बड़ा मज़ा आएगा और फिर जब बच्चा पैदा होता है तो इसी छोटे से छेद से वो बाहर निकलता है ना तब भी तो दर्द को सहना पढ़ता है.दोस्तों उससे यह बात कहते हुए मैंने उसको मेरा लंड चूसने के लिए कहा, लेकिन उसने यह काम करने के लिए साफ मना करते हुए वो बोला कि में नहीं चूसूंगी उसे, वो बहुत गंदा है. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों कह रही हो? तब उसने मुझसे बोला कि मुझे वो गंदा लगता है और तब मुझे याद आया तो में उसके लिए एक चोकलेट लाया था और में उसे वो देना ही भूल गया था, इसलिए मैंने झट से अपनी पेंट की जेब से चोकलेट बाहर निकाली और उसको खोल दिया, लेकिन जब मैंने उसको देखा तो वो चोकलेट थोड़ी सी पिघल गयी थी.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मैंने वो चोकलेट अपने लंड पर लगा दी और उसके मुँह में मेरे लंड को डालते हुए बोला कि क्यों तुम यह चोकलेट तो चाट सकती हो ना? और मैंने उसका सर पकड़कर रखा था पहले वो मुझसे अपना सर छुड़ाने की कोशिश करने लगी, लेकिन छुड़ा नहीं पाई. फिर में अब अपनी कमर को आगे पीछे करके लंड को उसके मुहं में अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से अब उसको भी मज़ा आने लगा था और वो मेरा लंड पकड़कर खुद ही चूसने लगी और मज़े लेने लगी.उसी समय मैंने मेरा हाथ उसके सर से हटाते हुए उससे पूछा क्यों कैसी लगी चोकलेट? तब उसने मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकालते हुए मुझसे कहा कि यह चोकलेट तो तेरे लंड के सामने कुछ भी नहीं है और यह बहुत ज्यादा स्वादिष्ट लग रही है और अब वो मेरा लंड एक बार फिर से अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उसको पैर फैलाकर लेटने के लिए कहा और वो झट से अपने दोनों पैरों को फैलाकर लेट गयी. मुझे उसकी गीली चूत साफ साफ दिखाई दे रही थी.

मैंने उससे पूछा कि क्या तुम्हारे घर में मक्खन है? तब उसने कहा कि हाँ फ्रीज़ में रखा हुआ है और में उसको ऐसा ही छोड़कर फ्रीज़ से मक्खन लेकर आ गया, लेकिन उसको कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था कि में मक्खन क्यों लाया हूँ और में अब इसका क्या करने वाला हूँ? इसलिए वो चुपचाप अपनी चकित नजरों से मेरी तरफ देखने लगी.मैंने बहुत सारा मक्खन अपने हाथ में लेकर भाभी की खुली हुई चूत के अंदर डाल दिया और उसकी चूत पर लगा दिया और फिर अपना लंड उसकी चूत के मुँह पर रखा, लेकिन जैसे ही मैंने अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखा तो वो एकदम से सिसक उठी आहहहह उफ्फ्फ्फ़ जल्दी करो ऊईईईई नहीं तो में मर जाउंगी कहने लगी.फिर मैंने बिना देर किए अपनी तरफ से एक धक्का देते हुए अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया जो मक्खन के लगे होने की वजह से फिसलता हुआ अंदर जाकर ठहर गया और वैसे ही वो ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी ऊऊइईई माँ में मर गयी आह्ह्हहह. फिर मैंने थोड़ी देर रुकने के बाद अपनी तरफ से दूसरा धक्का लगाया और वो एक बार फिर से चिल्ला उठी प्लीज़ अमित अब तुम इस लंड को बाहर निकाल लो नहीं तो में इस दर्द की वजह से मर ही जाउंगी, प्लीज जल्दी से इसको बाहर निकालो स्सीईईईईई.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अब मैंने उससे कहा कि तुम्हे कुछ नहीं होगा तुम बस थोड़ी देर और सहन कर लो और मैंने उसको किस करते हुए एक धक्का और लगाया और उस समय मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और वो दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्लाने वाली थी, लेकिन उसका मुँह मैंने मेरे मुँह में लेकर बंद कर दिया था. फिर मैंने महसूस किया कि उसकी सील अब तक टूट चुकी थी और वो ज़ोर ज़ोर से रो रही थी.उसकी आँखों से आंसू बहकर बाहर आ रहे थे और वो दर्द से छटपटा रही थी. फिर थोड़ी देर तक ऐसे ही बिना हिले रहने और उसका दर्द कम होने के बाद में अब मेरी कमर को धीरे धीरे आगे पीछे करके हिलाने लगा और अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से तब तक उसको भी मज़ा आने लगा था और वो भी अब अपनी कमर को ऊपर नीचे करती हुई मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी.फिर मैंने भी अपने धक्कों की रफ़्तार को बढ़ा दिया और अब में ज़ोर ज़ोर से अपनी कमर को हिलाने लगा और लगातार धक्के देने लगा. इस तरह वो दो बार झड़ चुकी थी और करीब 15 मिनट बाद में भी झड़ गया और मैंने उसकी चूत में ही अपना वीर्य डाल दिया. फिर कुछ देर तक ऐसे ही रहने के बाद वो उठी और अपने कपड़े उठाने लगी.तभी मैंने देखा कि उसकी चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और उसकी चूत में मेरा वीर्य, उसका पानी और थोड़ा सा खून भी था, जो अब बाहर आ रहा था.ये चुदाई आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।वो उठकर बाथरूम में गयी और पेशाब करने के बाद उसने अपनी चूत को साफ किया और अपनी पेंटी को पहन लिया उसके बाद में उसने अपनी ब्रा को पहना और फिर टी-शर्ट को पहनकर उसने अपनी स्कर्ट को कमर पर चढ़ाया और वो बाहर आ गई. उस दिन के बाद मैंने उसको बहुत बार चोदा और उसकी चुदाई के पूरे मज़े लिए और हर बार उसने मेरा पूरा पूरा साथ दिया. उसको मैंने हर बार अपनी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट किया.कैसी लगी मेरी सेक्स कहानी , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे ,अगर कोई भाभी की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे ऐड करो  चुदाई की प्यासी सेक्सी भाभी

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