दोस्त की बहन को कुतिया बना के चोदा

मेरे दोस्त का एक बहन है जो उससे बड़ी है और उनकी उम्र 26 साल है, उनका नाम पूर्वी है और वो अभी कुछ समय पहले ही B.A. करके जबलपुर लौटी है.वो अभी जबलपुर में ही है और कोई नौकरी ढूंढ रही है, उनकी हाईट 5.6 है, रंग गोरा है और बाल लंबे व काले है और उनको टाईट कपड़े पहना पसंद है, उनका फिगर भी बहुत आकर्षक है, उनका साईज 36-25-36 है और वो अभी पुणे से अपनी पढ़ाई करके आई थी और वैसे ही उनके बूब्स थोड़े बाहर की तरफ दिखने लगे थे. बड़े शहर में रहने का असर उन पर और उनके कपड़ो पर साफ साफ दिख रहा था. दोस्तों जैसा कि मैंने आपको पहले बताया कि मेरा दोस्त पैसे वाला है, लेकिन मेरे घर पर नेट नहीं है, तो में अपने दोस्त के घर पर जाकर यह काम किया करता था. उनके घर पर एक कंप्यूटर और दो लेपटॉप थे और एक लेपटॉप उसकी दीदी पुणे से लेकर आई थी जो कि उसका खुद का था. दोस्तों हम दोनों ने साथ में एक कॉलेज में एड्मिशन लिया था और हम बी.कॉम. कर रहे थे और में उसके साथ ही कॉलेज जाया करता था.

तो लगभग आधे दिन में अपने दोस्त के घर पर ही रहता था. फिर जब उसकी दीदी जबलपुर से आई थी तो मैंने थोड़ा उनके घर पर आना जाना कम कर दिया था, लेकिन मेरा वो एक अच्छा दोस्त था इसलिए उसकी दीदी के लिए मेरे दिल में कोई बुरी बात तो थी नहीं और ना ही मेरी बुरी नज़र थी, में भी उनको दीदी कहता था और उनकी बहुत इज्जत करता था, लेकिन यह इज्जत अब उनके पुणे से लौटने के बाद ज्यादा दिन नहीं रह सकी. तो दोस्तों में अपने दोस्त के घर कहानियाँ पढ़ने, अपने मेल्स चेक, करने और कॉलेज जाने के लिए जाया करता था. हम कभी कभी रात में भी साथ रुकते थे और अपनी पढ़ाई करते और कोई भी काम रहता तो पहले में अपने दोस्त के घर पर जाया करता और फिर अपना काम किया करता था.एक दिन जब में अपने दोस्त के घर पर बैठकर स्टोरी पढ़ रहा था तो तभी मैंने देखा कि दीदी मेरी तरफ आ रही है तो मैंने मिनिमाइज़ कर दिया और फिर दीदी आए तो केवल डेस्कटॉप खुला हुआ था तो उन्होंने इस बात पर गौर किया, लेकिन कुछ भी नहीं बोला और चली गई. उन्होंने नीचे जो मिनिमाइज़ था उसमे यह भी पढ़ लिया था कि क्या खुला हुआ है? और मेरे साथ ऐसा ही करीब दो तीन बार हो गया, लेकिन ना वो कभी मुझसे कुछ बोली और ना कभी में उनसे कुछ बोला. तो उसके बाद एक दिन मुझे एक मैल आया कि मेरे साथ चेट करो, उस समय दिन के तीन बजे थे तो में अपने दोस्त के घर पर पहुंच गया और वहां पर जाकर मैंने देखा कि दोस्त की दीदी कंप्यूटर पर बैठी हुई थी और दोस्त अपने लेपटॉप पर और फिर मैंने उसको बोला कि यार मुझे चेट करना है, ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।अभी मुझे एक मैसेज आया है. तो वो बोला कि यार में तो अभी अपनी गर्लफ्रेंड से बात कर रहा हूँ, तू एक काम कर दीदी से पूछ ले तो में दीदी के पास गया तो दीदी बोली कि में अभी ज़रूरी मेल्स चेक कर रही हूँ, तुम मेरा लेपटॉप ले लो और तुम्हे उसमे जो करना हो वो करना. फिर मैंने उन्हे धन्यवाद कहा, मेरे दोस्त के घर पर वाई-फाई लगा हुआ था.फिर मैंने दीदी का लेपटॉप खोल लिया और में अपने मेल्स चेक करने लगा. फिर मेरी चेटिंग चल रही थी कि तभी दीदी का लेपटॉप डिसचार्ज हो गया और बंद हो गया. तो मुझे टेंशन हो गई क्योंकि मेरी मैल आई डी खुली रह गई थी और दीदी कहीं मेरे चेट ना पढ़ ले और फिर मैंने लेपटॉप को चार्जिंग पर लगा दिया.फिर मेरे पापा का कॉल आया तो में अपने घर पर चला गया. दूसरे दिन से सब कुछ ठीक चल रहा था और आज भी दीदी मुझसे कुछ नहीं बोली और मैंने भी उनसे कुछ नहीं कहा और फिर करीब 15 दिन बाद मुझे एक मैल आया. दोस्तों वैसे तो मुझे बहुत सारे मैल आते रहते है, लेकिन यह वाला मैल भी सेक्स के कॉल के लिए था. मैंने मैल चेक किया तो उसमे लिखा हुआ था में जबलपुर से हूँ और में तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूँ, प्लीज मुझे चोद दो, मेरी चूत चुदाई के लिए तरस रही है. फिर मैंने मैल का जवाब भेज दिया और फिर हमारी चेटिंग चलती रही. दोस्तों में अपने दोस्त की कंप्यूटर टेबल पर बैठकर यहाँ से चेट कर रहा था और दीदी वहीं बेड पर लेटकर, लेकिन दीदी ने मुझे यह तब नहीं बताया था, यह मुझे बाद में पता चला.

फिर दीदी से करीब एक घंटे चेट चली और इस दौरान उन्होंने मुझे नहीं बताया कि वो कौन है? फिर उसके बाद मैंने उसे जैसे ही कहा कि आप यह बताओ कि मुझे आपसे कब मिलना है? तो वो बोली कि जब तुम्हारा फ्रेंड बाहर जाएगा तब तुम आ जाना, उस रात हम मेरे रूम में मिलेंगे. तो में उनकी यह बात सुनकर बहुत हैरान हुआ और मैंने उनसे पूछा कि आप मेरे किस फ्रेंड की बहन है और मेरा कौन सा दोस्त है जो अभी बाहर जाने वाला है? तो दीदी ने बोला कि जिस फ्रेंड के घर पर तुम हो, वो शायद अभी अपने पापा के साथ काम से दो दिन के लिए बाहर जाएगा तब तुम मुझे सेक्स के लिए मिलना.दोस्तों में बहुत चकित था और फिर मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वहां पर दीदी थी और वो मेरी तरफ मुस्कुरा रही थी, लेकिन में बहुत बड़ी उलझन में फंसा हुआ था, क्योंकि वो मेरे एक दोस्त की बहन थी. फिर मैंने दीदी को मैल कर दिया कि क्या इस बारें में हम रात को फोन पर बात कर सकते है? अभी तो में कोई जवाब देने की हिम्मत नहीं कर पा रहा हूँ. फिर दीदी का जवाब आया कि ठीक है तुम जब बोलो तब बात कर सकते है. ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तो मैंने कहा कि ठीक है दीदी और में वहां से उठा और मैल आई डी को साईन आउट किया और अपने घर पर चलता बना. फिर दिनभर यही सोचता रहा कि यह करना चाहिए या नहीं करना चाहिए? और यह सही होगा या नहीं होगा? और फिर उसके बाद मैंने रात का खाना खाया और अपने रूम में चला गया. फिर करीब रात में 12 बजे दीदी का कॉल आया तो मैंने कॉल उठाया और दीदी बोली..
दीदी : हैल्लो डियर, कैसे हो?
में : हाए दीदी, में बिल्कुल ठीक हूँ.
दीदी : क्या कर रहे हो?
में : कुछ नहीं दीदी बस में पढ़ रहा था, लेकिन मेरा मन नहीं लग रहा था.
दीदी : अच्छा तो यह बताओ कि तुमने सेक्स के बारे में क्या सोचा?
में : दीदी मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन आप मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त की बहन हो बस दिक्कत यही है.
दीदी : अरे वो सब छोड़ो यार, अभी हम सिर्फ़ सेक्स करने के लिए मिलते है और सेक्स करते है और मस्त रहेंगे.
में : दीदी, लेकिन आपको पता कैसे चला मेरे इस काम के बारे में?
दीदी : यार देखो मैंने तुमको कितनी बार सेक्सी कहानियाँ पढ़ते हुए पकड़ा है, उस दिन मैंने अपने लेपटॉप पर तुम्हे चेट करते देखा और उसके बाद मैंने पता नहीं कितनी बार तुम लोगो को सेक्स की बातें करते हुए सुना.
में : ठीक है दीदी और
दीदी : और यार तुम्हारे लंड का बहुत मस्त साईज़ है, मुझे सेक्स करने में कोई दिक्कत नहीं है, वैसे जब में पुणे में रहती थी तो मेरा वहां पर एक बॉयफ्रेंड था और हम हर कभी सेक्स करते, लेकिन जब से में जबलपुर आई हूँ तब से मेरी चूत में बहुत खुजली चल रही है.
दीदी : ठीक है और बताओ फिर जब हम मिलेंगे तो तुम मेरे साथ क्या क्या करने वाले हो?
में : अरे दीदी यह सब तो आपके ऊपर है में तो सिर्फ़ आ जाऊंगा फिर आप जैसे चाहो मुझे काम में ले सकती हो में उस टाईम के लिए केवल आपका ही रहूँगा, आपकी जो भी करने की मर्ज़ी हो आप वो कर सकती हो.
दीदी : देख लो फिर जब मिलेंगे तो मना मत करना कि में यह नहीं कर सकता वो नहीं कर सकता.
में : ठीक है, दीदी में तो सब कुछ कर सकता हूँ.
दीदी : दो महीने की खुजली है तो तुम सोच लो में एक दिन तो तुमको अपना लंड बाहर ही नहीं निकालने दूंगी, क्योंकि मेरी चूत में इतनी खुजली चल रही है.
में : हाँ दीदी ठीक है जैसे आप बोलो मुझे क्या दिक्कत होगी, में तो पूरा तैयार होकर आऊंगा.
दीदी : अच्छा वो कैसे?
में : देखो दीदी में आपको बताता हूँ, पहली बात तो यह है कि अब जब तक हम सेक्स नहीं कर लेते में किसी और से सेक्स नहीं करूँगा है और फिर उसके बाद में एक आयुर्वेदिक टॅबलेट भी लेता हूँ जिससे कि मेरा जल्दी निकलता भी नहीं है और मेरा साईज़ तो वैसे ही अच्छा है वो आप जानती ही है.
दीदी : हाँ, अब तुम्हारा लंड देखने और मुहं में लेने पर ही पता चलेगा कि कैसा है और कितना मज़ा आता है?
में : हाँ ठीक है दीदी मुझे कोई दिक्कत नहीं है आप यह समझो कि में तो आज भी सेक्स करने के लिए तैयार हूँ.
दीदी : चलो ठीक है अब में फोन रखती हूँ और अब मेरी फेमिली के बाहर जाने का इंतजार करते है और उसके बाद हम मस्ती करेंगे.
में : ठीक है दीदी, बाय.

फिर में सो गया और दो, तीन दिन तक में दोस्त के घर पर भी नहीं गया और इस दौरान मेरे दोस्त से और उसकी बहन से भी फोन पर बात करता और फिर एक दिन शाम को मेरे दोस्त का मेरे पास कॉल आया कि यार राहुल में, पापा और मम्मी बाहर जा रहे है और हम तो दीदी को भी ले जाते, लेकिन दीदी कह रही है कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है तो यार तुम एक काम करना कि जब हम जाए तो तू हमारे घर पर आकर रुक जाना, क्योंकि रात के टाईम दीदी अकेली रहेगी तो अच्छा नहीं है. तो मैंने कहा कि ठीक है यार, लेकिन तुम लोग कब जा रहे हो? तो उसने कहा कि यार हमारे कल 12 बजे की गाड़ी है, हमको भोपाल जाना है, कल जाएँगे और दो दिन बाद भोपाल से बैठकर सुबह इंटरसिटी से वापस आ जाएँगे, तुझे तो बस दो रातों के लिए ही आना है. तो मैंने कहा कि ठीक है यार में आ जाऊंगा, तू टेंशन मत ले.फिर वो मुझसे बोला कि अच्छा अब सुन, तू कल मेरे घर पर 11 बजे आ जाना ताकि तू मुझे स्टेशन छोड़ सके. तो मैंने कहा कि ठीक है यार मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है और फिर में दूसरे दिन 11 बजे उसके घर पर पहुँच गया और वहाँ पर पहुँचकर घंटी बजाई तो दरवाजा मेरे दोस्त की दीदी ने खोला, वो एकदम मस्त कयामत लग रही थी और उन्हे देखकर ऐसा लग रहा था कि 15-20 मिनट पहले ही नहाकर बाहर आई हो, क्योंकि उनके बाल गीले थे और उन्होंने एक सफेद कलर की टी-शर्ट पहनी हुई थी.
फिर उन्होंने मुझे देखते ही आँख मारी और बोली कि देख लो राहुल मैंने तो तैयारी भी चालू कर दी, अब तुम जल्दी से इन लोगों को छोड़कर आओ और फिर में आज तुमको नहीं छोड़ूँगी तो मैंने एक हल्की सी स्माइल दी और फिर में अंदर चला गया. फिर में सीधे अपने दोस्त के रूम में गया और मैंने उसकी सामान पॅकिंग में थोड़ी बहुत मदद की. उसके बाद जब उसकी पॅकिंग हो गई तो मैंने उससे कहा कि चले क्या? तो वो बोला कि रुक भाई में देखकर आता हूँ कि मम्मी, पापा तैयार हो गए क्या? तो मैंने कहा कि चल ठीक है तब तक में भी पानी पीकर आता हूँ.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर जैसे ही में किचन में पानी पीने गया तो मैंने देखा कि दीदी शरबत बना रही थी और वो मुझे देखकर बोली कि क्या हो गया? तो मैंने कहा कि दीदी मुझे पानी पीना है. तो दीदी ने एक ग्लास में पानी लिया और मुझे देने के लिए जब मेरे पास आई तो मेरे लंड को पेंट के ऊपर से ज़ोर से मसल दिया. मैंने कहा कि क्या बात है दीदी, आपसे तो कंट्रोल भी नहीं हो पा रहा है?दीदी बोली कि यार राहुल मुझे दो महीने हो गए है कंट्रोल करते हुए, अब तुम सामने हो और अब में कैसे कंट्रोल करूं? तुम खुद बता दो यार मुझे तो मैंने कहा कि दीदी बात तो आपकी एकदम सही है, लेकिन अभी आपको दो घंटे तो और इंतजार करना ही पड़ेगा, में अभी आपकी फेमिली को छोड़कर आ जाता हूँ और तब तक आप भी तैयार रहो और फिर हम दिल लगाकर मस्ती करेंगे और खूब मज़े करेंगे, बस दो घंटे की बात है, तो दीदी बोली कि चल ठीक है में इंतजार करती हूँ तुम जल्दी से जाओ और जल्दी से आ जाना और हाँ लौटते समय शहद और कंडोम का पैकेट ज़रूर लेकर आना. फिर मैंने कहा कि ठीक है दीदी और कुछ? दीदी बोली कि नहीं बस अब तो जाओ. मैंने अपना पानी का ग्लास पानी पीकर रखा और बाहर आ गया और में अपने दोस्त के रूम में जा रहा था और मेरा दोस्त अपना बेग लेकर बाहर वाले रूम में आ रहा था तो हम बाहर वाले रूम में बैठ गए.
हम लोग वहां पर बैठे हुए थे इतने में अंकल आंटी भी आ गए और दीदी जूस लेकर आई. सबने जूस पिया और सब बाहर की और जाने लगे और में सबसे आखरी में बाहर निकला और मेरे बाहर निकलते समय भी दीदी ने मुझसे बोला कि राहुल जल्दी लौट आना में तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ. तो मैंने कहा कि ठीक है और में अपने दोस्त को छोड़ने चल दिया और फिर हम स्टेशन पहुंचे और मैंने उसको गाड़ी में बैठा दिया और अंकल आंटी को नमस्ते किया और वहां से चलता बना. फिर रास्ते से जो सामान दीदी ने कहा था वो लिया और चलता बना.
फिर उनके घर पर पहुंचकर बेल बजाई, करीब एक मिनट के बाद दीदी आई और उन्होंने दरवाज़ा खोला और मुझे अंदर खींचकर दरवाज़ा बंद कर दिया. दोस्तों इस समय दीदी एक गुलाबी कलर की टॉप में थी और नीचे पीले रंग की केफ्री पहने हुई थी और मुझसे कहने लगी कि राहुल तुम्हारे जल्दी आने के लिय बहुत-बहुत धन्यवाद, अब तुम जल्दी से शुरू हो जाओ और अपना दम मुझे बताओ.

फिर में उस समय सोफे पर बैठा हुआ था और वो मेरे पास आई और अपने दोनों पैर मेरे पैर के ऊपर करके बैठ गई और मुझे लिप किस करने लगी और करीब 5 मिनट तक उन्होंने मुझे लीप किस किया. वो इतनी ज्यादा गरम हो गई थी कि वो मेरे होंठो को चूसने तक लग गई थी और फिर उन्होंने मुझे छोड़ा और बोली कि चलो यार अब हम मेरे बेडरूम में चलते है. तो मैंने कहा कि ठीक है दीदी और में उनके पीछे पीछे बेडरूम की तरफ चल दिया और बीच में रुककर पीछे मुड़कर उन्होंने मुझे कहा कि अब दीदी बोलना बंद कर दे पागल, मेरा नाम ले पूर्वी और आने वाले दो दिन और रात तक तुम मुझे जमकर चोदो और अभी से ही शुरू हो जाओ.
फिर मैंने कहा कि ठीक है दीदी और फिर हम लोग उसके बेडरूम में पहुंचे और वो सीधे बेड पर लेट गई और मुझे भी बेड पर आने का इशारा कर रही थी. तो में जैसे ही बेड पर गया तो उसने मुझे ज़ोर से अपने ऊपर खींच लिया और किस करने लगी. इस बार हमारी किसिंग करीब दस मिनट तक चली, इस दौरान उसने मुझे इतने ज़ोर से काटा कि मेरे होंठ से खून आने लगा और फिर उन्होंने मेरी शर्ट के बटन खोलना शुरू कर दिया और मैंने भी उनके टॉप को उतार दिया और उन्होंने नीचे एक गुलाबी कलर की ब्रा पहनी हुई थी और उनके बूब्स एकदम मस्त, टाईट, लेकिन बिल्कुल भी लटके हुए नहीं थे तो मैंने उनसे कहा कि दीदी आपके बूब्स तो बहुत मस्त है, तभी उसने मुझे एक थप्पड़ मार दिया.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
मैंने पूछा कि क्या हो गया दीदी? तो उसने मुझे एक और थप्पड़ मारा और बोला कि मैंने दीदी बोलने से मना किया है, सिर्फ मुझे पूर्वी कहो और कुछ नहीं, समझे या नहीं? तो मुझे भी गुस्सा आ गया और मैंने भी कहा कि ठीक है पूर्वी और मैंने ज़ोर से उसके बूब्स को दबा दिया और वो दर्द से चिल्ला उठी और बोली कि थोड़ा आराम से कर ना कुत्ते और फिर मैंने उनको धक्का देकर लेटा दिया.उसके बाद मैंने उनको पहले 5 मिनट तक लिप किस किया और फिर धीरे धीरे नीचे आते हुए उनकी गर्दन पर किस किया और ब्रा के ऊपर से एक बूब्स को किस किया तो दूसरे बूब्स को दबा रहा था और वो मोन करने लगी थी. फिर मैंने उनके बूब्स को इतना ज्यादा ब्रा के ऊपर से सक कर दिया कि उनकी ब्रा का बहुत सारा हिस्सा गीला हो गया और उसके बाद मैंने धीरे से उनको लेटा दिया और फिर नीचे से उनकी कमर को किस करने लगा और उनकी पीठ पर हर एक जगह किस किया और फिर धीरे से अपने दांत से उनकी ब्रा का हुक खोला. फिर उनको सीधा लेटा दिया और उनकी ब्रा को दांत की मदद से ही उनके शरीर से अलग कर दिया, तो मैंने उनके निप्पल देखे तो वो आकार में थोड़े बड़े थे. मैंने उनको किस किया और बोला कि वाह दीदी आपके निप्पल को सक करने में मज़ा ही आ गया. वो अब तक भूरे तो हो ही चुके थे और दीदी भी मज़े से चुसवा रही थी और मेरे बालो में हाथ फेर रही थी और में भी उनके बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूसते हुए उनको काट भी रहा था.

फिर दीदी बोली कि साले हरामी मैंने तेरे होंठ ज़ोर से सक किए थे तो क्या तू भी अब बदला लेगा क्या? मैंने तो कोई जवाब ना देते हुए उनके बूब्स को बहुत देर सक किया, करीब 20 मिनट तक करता ही रहा और फिर उनके बूब्स को छोड़कर एकदम खड़ा हुआ तो उन्होंने तुरंत मेरी जीन्स को खोल दिया और फिर मैंने भी उनकी केफ्री को नीचे कर दिया और मैंने अपनी बनियान को भी उतार दिया, अब हम दोनों सिर्फ़ अंडरवियर और पेंटी में थे और उसके बाद में फिर से बेड पर लेट गया और उनको किस करने लगा, उनकी पेंटी के ऊपर हाथ फेरने लगा. फिर मैंने महसूस किया कि उनकी पेंटी करीब आधी गीली हो गई थी और में अपना हाथ उनकी पेंटी पर रगड़ रहा था और एक हाथ से उनके नंगे बूब्स दबा रहा था और किस किए जा रहा था.फिर उन्होंने धीरे से अपना एक हाथ मेरी अंडरवियर के अंदर डाला और जैसे ही उन्होंने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया तो उनका मुहं खुला का खुला रह गया. वो तुरंत बैठ गए और मेरी अंडरवियर को नीचे कर दिया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को देखकर बोला कि यह है तो बहुत मज़ेदार है मुझे तो मज़ा आ जाएगा इसको अपने अंदर डलवाने में, आज तक जो लंड मैंने डलवाया है वो छोटा था और पतला था, लेकिन तुम्हारा लंड तो अच्छा खासा मोटा है और लम्बा भी है.
फिर उन्होंने मुझे पहले दो मिनट लिप किस किया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड पर किस किया और उसको सक करने लगी और करीब 5 मिनट के बाद मैंने उनको धक्का देकर लेटा दिया और में भी उनकी चूत को उनकी पेंटी के ऊपर से किस करने लगा और मैंने उनकी पेंटी को उतार दिया.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मैंने देखा कि उनकी चूत भी बिल्कुल साफ थी और अंदर से गुलाबी कलर की थी बहुत मस्त और सुंदर भी थी तो मैंने उनकी चूत में एक उंगली डाली तो वो बहुत ज़ोर से आहह्ह्ह्हह उह्ह्हह्ह्ह्ह करने लगी और मेरे बालों को खींचने लगी और उसके बाद मैंने उनकी चूत पर दो मिनट तक किस किया और उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि चलो राहुल अब 69 में आ जाओ और वो जो शहद टेबल पर रखा हुआ है उसे मुझे दे दो. फिर मैंने उनको शहद दे दिया और पहले में लेट गया और उसके बाद वो मेरे ऊपर आकर 69 की पोज़िशन में लेट गई और फिर उसके बाद मैंने देखा कि उन्होंने शहद की बॉटल खोली और धीरे से सारे शहद को मेरे लंड पर डाला और फिर चूसने लगी और यहाँ में भी उनकी चूत को चाटने में मस्त हो गया और हमारा यह चुसाई का काम चल ही रहा था कि करीब 15 मिनट के बाद वो झड़ गई और करीब 20 मिनट के बाद में भी झड़ गया.

दोस्तों आज मेरा वीर्य 6 दिन बाद निकला था तो बहुत सारा निकाला और मैंने उसे उनके मुहं में भर दिया. फिर उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि राहुल तुम्हारा वीर्य तो बहुत गरम और स्वादिष्ट भी है. अब वो मेरा लंड फिर से चूस रही थी और में ऐसे ही लेटा हुआ था. करीब 10 मिनट में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और इस बार उन्होंने देर ना करते हुए पहले कंडोम निकाला और मेरे लंड पर पहनाया और मेरे लंड को 10 मिनट तक चूसा और उसके बाद उन्होंने बिना मुझे कुछ कहे खुद ही मेरे लंड पर बैठ गई और धीरे-धीरे ऊपर नीचे होने लगी और करीब दो मिनट के बाद उन्होंने सहारे के लिए मेरे हाथ में अपना हाथ दिया और फिर करीब 20 मिनट तक लगातार ऊपर नीचे होती रही और हम दोनों पूरे पसीने में भीग गए थे. हम अब थक भी गए थे तो उन्होंने अपनी चूत से मेरा लंड बाहर निकाला और लेट गई और मुझे इशारा किया कि में उनके ऊपर आ जाऊँ तो में तुरंत उनके ऊपर आ गया.फिर मैंने धक्के मारना चालू किए और मैंने करीब 20 मिनट तक लगातार जोरदार धक्के मारे और उसके बाद में झड़ने वाला था तो मैंने अपनी स्पीड को और बढ़ा दिया और में खड़ा हो गया और में वैसे ही उनके ऊपर लेट गया, करीब एक घंटे तक हम ऐसे ही लेटे रहे और उसके बाद में उनके ऊपर से हटकर उनके पास में लेट गया तो उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि राहुल आज तो मज़ा आ गया और में तो मान गई कि सही में तुम्हारा लंड तो बहुत देर में पानी निकालता है. में तुम्हारी चुदाई से बहुत खुश हूँ, काश तुम मेरे बॉयफ्रेंड होते या काश तुम मेरे भाई के फ्रेंड ना होते तो, में तो सप्ताह के सप्ताह रोज तुमसे चुदवाती और उन्होंने मुझे किस करना चालू किया और करीब 10 मिनट तक किस करती रही.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर उसके बाद मैंने घड़ी में टाईम देखा तो 6 बज रहे थे, मैंने दीदी से कहा कि पूर्वी मेरी जान में अभी घर पर जा रहा हूँ और रात में 9 बजे आ जाऊंगा और तुम्हारे लिए भी मेरे घर से खाना पेक करवा लूँगा. तो वो बोली कि नहीं डियर तुम यहाँ पर 8 बजे आ जाना फिर हम एक अच्छे बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड की तरह बाहर खाना खाने चलेंगे. फिर मैंने कहा कि ठीक है मुझे कोई आपत्ति नहीं है और में फिर उसके घर से अपने घर चला गया और रात में 8:10 मिनट पर उसके घर पर पहुंच गया.फिर मैंने देखा कि वो दिखने में एकदम हॉट और सेक्सी लग रही थी. उसने काले कलर की बिना बाँह का बिल्कुल टाईट टॉप और काली कलर की जींस पहनी हुई थी, उन कपड़ो में तो वो होटल के सभी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी. हर एक आदमी की नजर उस पर टिकी हुई थी हर कोई उसके जिस्म को पाना चाहता था.

फिर हमने खाना ऑर्डर किया और हम खाना खा रहे थे इस बीच उसने अपने जूते को मेरे लंड पर रख दिया और मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे स्माईल देने लगी और बोली कि जल्दी चलो मुझे बहुत भूख लगी है. तो मैंने कहा कि ठीक है हाँ मुझे भी पता है और फिर जल्दी से खाना खत्म करके हम बाहर पार्किंग में आ गए और उसके बाद हम वहां से चल दिये. फिर उसने कार को एक वाइन शॉप के बाहर रोक दिया और मुझे एक 500 का नोट दिया और बोली कि राहुल जाओ 2-3 बियर के केन ले आओ तो मैंने उससे कहा कि लेकिन में तो ड्रिंक करता ही नहीं हूँ तो यह सब किसके लिए? तो वो बोली कि आरे पागल तुम नहीं करते, लेकिन में तो करती हूँ और जब रात भर सेक्स करना है तो ड्रिंक भी तो लेना पड़ेगा ना पागल, जाओ जल्दी लेकर आओ.में एकदम चकित था कि वो इनका अब क्या करने वाली है? और फिर में उतरकर गया और बियर की केन लाकर कार में बैठ गया. फिर अब हम सीधे घर की तरफ चल दिए और करीब दस मिनट के बाद उसका घर आ गया और हमने कार को पार्क कर दिया और सीधे उसके बेडरूम में चले गए और दीदी भी अपने साथ बियर के केन लेकर आई और उन्होंने एक केन खोली और उसको 5 मिनट में खत्म कर दिया और फिर बोली कि राहुल तुम भी पियो ना बहुत मज़ा आएगा, मुझे तो बियर पीकर सेक्स करने में बहुत मज़ा आता है और जब पहली बार मैंने बियर नहीं पी थी तो मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे ज़बरदस्ती पिला दी थी और उस दिन हमें सेक्स करने में भी बहुत मज़ा आया था. तुम भी आज पी लो यार, तुम्हे भी बहुत मज़ा आएगा, लेकिन मैंने बियर नहीं पी और दीदी ने एक और केन खोली और ड्रिंक कर ली.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर वो बेड पर लेट गई और उसके बाद वो करीब 15 मिनट तक लेटी रही और उसके बाद मैंने उनको एक ग्लास पानी लाकर दिया और उन्होंने पानी पिया और ग्लास फेंक दिया. फिर मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मुझे ज़ोर से किस करने लगी और में भी उनके ऊपर चढ़ गया. इस बार वो मुझे मेरे होंठ पर काट रही थी और में उनको उनके होंठ पर काट रहा था. तो करीब दस मिनट तक यही चलता रहा और फिर उसके बाद वो बैठ गई और कहने लगी कि राहुल तुम बहुत अच्छा सेक्स करते हो, तुम्हारे साथ आज दिन में मज़ा आ गया, अब हमारा दूसरा राउंड चालू होने वाला है.
दोस्तों अब उसके मुहं से बियर की बदबू आ रही थी और शायद उसको थोड़ी बहुत चढ़ भी गई थी और फिर उसके बाद मैंने उनको अपनी बाहों में ले लिया और उनके होंठ, गर्दन, छाती को किस करने लगा. फिर उसके बाद मैंने उनके टॉप को उतार दिया और उन्होंने नीचे काली कलर की ब्रा पहनी हुई थी और अब में उनके बूब्स को सक करने लगा, क्योंकि उनके बूब्स मुझे तो बहुत पसंद आए.

फिर उसके बाद मैंने उससे कहा कि पूर्वी अब बताओ कि तुमको क्या करना है? तो वो बोली कि पहले तो तुम मेरे सारे कपड़े उतार दो और उसके बाद तुम जल्दी से मेरे चूत में अपना लंड डाल दो, मुझे बहुत खुजली चल रही है और फिर मैंने भी वैसा ही किया और मैंने उनको बेड के किनारे पर बैठाया सबसे पहले मैंने उनके जूते उतारे और फिर उसके बाद मैंने उनकी पेंट उतारी. उन्होंने काली कलर पेंटी पहनी हुई थी जिसको मैंने पेंट के साथ उतार दिया. फिर मैंने जैसे ही उनकी चूत को हाथ लगाया और छूकर देखा तो उनकी चूत पूरी गीली थी और उसके बाद मैंने उनकी चूत को चाटना चालू किया और वो मदहोश हो गई और उन्होंने मेरे बालों को ज़ोर से खींचना चालू कर दिया और मेरी जीभ को अपनी चूत में घुसाने की कोशिश करने लगी.फिर मैंने भी अपनी जीभ को उनकी चूत के अंदर बाहर करना चालू कर दिया और अब वो दिन से भी ज्यादा कामुक लग रही थी और दिन से भी ज्यादा आवाज़ निकाल रही थी. फिर उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे तुम्हारा लंड चूसना है और मैंने तुरंत लंड को उनके मुहं के पास ले जाकर उनके मुहं में घुसा दिया और अपने कूल्हों को आगे पीछे करने लगा और एक दो बार ज़ोर से लंड उनके मुहं के अंदर बिल्कुल गले तक पहुंचा दिया और फिर उन्होंने करीब 15 मिनट मेरा लंड चूसा और फिर कंडोम लगाकर चुदाई करने को कहा. फिर मैंने भी तुरंत अपने हाथ में कंडोम लिया और लंड को पहना दिया और उसके बाद मैंने उसकी चूत पर लंड टिका दिया और धीरे धीरे धक्के देकर अंदर बाहर करने लगा. पूर्वी इस समय नशे में थी और बस यही कह रही थी, चोद मुझे राहुल, चोद मुझे और दम लगा ज़ोर से घुसा दे अपना लंड मेरी चूत में आआहह उह्ह्ह्ह. फिर में भी उसको चोदे जा रहा था.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।10 मिनट उस पोज़िशन में चोदने के बाद मैंने अपनी पोज़िशन बदल ली और अब उसके पैर मेरे कंधे पर रखे और उसकी चूत में लंड डालने लगा और मैंने अपने चुदाई की स्पीड को बढ़ा दिया और उसके बाद करीब 15 मिनट चोदने के बाद मैंने दोस्त की बहन को घोड़ी बना दिया और फिर चुदाई चालू कर दी, लेकिन इस बार मैंने उसको इस स्टाइल में करीब 20 मिनट चोदा और इस दौरान वो करीब 3 बार झड़ गई थी और उसकी चूत से पानी बाहर आ रहा था और जब में धक्का लगता तो फच फच की आवाजें आती और वो सिसकियाँ ले रही थी और मैंने करीब 10 मिनट तक उसको चोदा, फिर में झड़ गया और झड़कर लेट गया. फिर वो मुझे मेरे होंठो पर किस करने लगी, उसने छाती पर किस किया और मेरे सर के बाल सहलाने लगी. फिर वो बोली कि राहुल मुझे गांड भी मरवानी है प्लीज यार कुछ करो? तो मैंने कहा कि मुझे तो कोई दिक्कत नहीं है आप जब बोलो में तो उतनी देर आपकी गांड मार सकता हूँ. फिर वो बोली कि चलो राहुल अब तुम मेरे कूल्हों को सहलाओ उनकी मसाज करो और मेरी गांड में अपनी जीभ डालो और फिर उंगली करना और फिर अपना सारा थूक लगाकर मेरी गांड को मारो और ऐसे मारो मेरी गांड को मज़ा आ जाए.

आराम कर रहा है अभी आप उसको उठाने में मेरी मदद करो तभी तो वो आपकी गांड मार पाएगा और फिर हम 69 की पोज़िशन में आ गए और वो फिर से मेरे ऊपर आ गई और इस बार उन्होंने अपना ज्यादा दबाव मेरे मुहं के ऊपर रखा और में भी उनकी चूत में उंगली डाल रहा था और उनकी गांड में अपना अंगूठा डाल रहा था और अच्छे से उनकी चूत और गांड के छेद को फेलाए जा रहा था और वो मोन किए जा रही थी और मेरे लंड को चूसे जा रही थी. फिर करीब 20 मिनट तक यही कार्यक्रम चला और उसके बाद उन्होंने मुझसे कहा कि चलो अब तुम्हारा लंड अच्छी तरह खड़ा हो गया है, अब ज्यादा देर मत करो और मेरी गांड भी प्यासी है, उसकी प्यास बुझा दो.फिर मैंने कहा कि ठीक है और उनको दूसरी स्टाइल में किया और फिर एक नया कंडोम अपने लंड पर लगाया और सारा थूक उनकी गांड में लगाया और अपना लंड डालने की कोशिश करने लगा, लेकिन मेरा लंड उनकी गांड में बहुत मुश्किल से जा रहा था और बहुत कोशिश के बाद मेरा लंड पहले तो उनकी गांड में 3 इंच अंदर गया और वो दर्द से चिल्ला रही थी और थोड़ा आगे भाग गई और मेरा लंड अपनी गांड से बाहर निकलवा लिया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को थोड़ा सा सक किया और थूक लगाकर कहा कि अब डालो, लेकिन थोड़ा आराम से, तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है इसलिए थोड़ी दिक्कत हो रही है, चलो अब कोशिश करते है.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर मैंने इस बार उनकी गांड के मुहं पर लंड टिकाया और धीरे धीरे करके अंदर डालने लगा. मुझे तो ऐसा महसूस हो रहा था कि में किसी वर्जिन गांड को मार रहा हूँ. उसकी बिल्कुल नई गांड थी, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और पूर्वी दर्द से चिल्ला रही थी और बोलती भी जा रही थी हाँ और ज़ोर से राहुल फाड़ दो आज मेरी गांड को और इतना बड़ा कर दो कि तुम्हारा हाथ भी अंदर चला जाए ऊऊहह अहह्ह्ह्हहह ऊईईईईई. फिर ऐसे करते करते उन्होंने चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया और मैंने भी अपना लंड धीरे धीरे करके पूरा अंदर डाल दिया और उसके बाद उनकी गांड में थोड़ी देर ऐसे ही लंड को डले रहने दिया और उसके बाद मैंने उनकी गांड में धीरे धीरे लंड को आगे पीछे करना शुरू किया और फिर थोड़ी देर में जोश में आ गया और मैंने अपने झटके तेज कर दिए और मेरा कार्यक्रम बिना रुके चालू हो गया और करीब 45 मिनट तक चला उसकी गांड टाईट थी तो मारने में भी मज़ा आ रहा था और वो भी मज़े ले लेकर चुदवा रही थी और आहहह्ह्ह्ह उह्ह्ह्हह्ह लगातार करती ही जा रही थी और फिर जब में 45 मिनट के बाद झड़ा तो तब मेरा लंड उसकी गांड के अंदर ही था और में थककर उसके ऊपर ही लेट गया.

करीब 15 मिनट के बाद जब मैंने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला तो मैंने देखा कि मेरा कंडोम फट गया था और मेरा वीर्य उसकी गांड के अंदर ही चला गया था और जब वो खड़ी हुई तो मेरा वीर्य उसकी गांड से निकलता हुआ उसकी जांघ से होता हुआ घुटनों के ऊपर से ही नीचे गिरने लगा और उसने अपने आपको साफ किया और बोली कि राहुल में तो अब बहुत थक गई हूँ और वो बिस्तर पर लेट गई और हम दोनों ही बहुत थक गए थे. तो हम लोगो को कब नींद आ गई पता ही नहीं चला.ये चुदाई कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।फिर हमारी नींद सुबह खुली और उठते ही उसने मुझे एक लंबा सा मॉर्निंग किस दिया और उसके बाद हम फ्रेश होने गए, उसके बाद उसका फिर से चुदाई का दौर चला. उस दिन हमने सेक्स के टाईम आईस्क्रीम का इस्तमाल भी किया और मैंने उसकी गांड के छेद को बड़ा करके उसके अंदर शहद भी डाला और उसको चोदा. हमने बहुत मज़े किये, उसके बाद हमने मेरे दोस्त के आने तक ऐसे ही बहुत मस्ती की और फिर उन्होंने मुझे कुछ पैसे दिए और कहा कि राहुल तुम बहुत मस्त सेक्स करते हो, तुमने तो मेरा दिल खुश कर दिया. फिर उस दिन के बाद में उनके साथ एक दो बार ही सेक्स कर सका, क्योंकि उनकी नौकरी कुछ दिन बाद पुणे में लग गई और वो चली गई.अगर कोई मेरी दोस्त की बहन की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/PurobiSharma


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