भाभी की खट्टी मीठी चूत

एक दिन भैया ने भाभी की एक फोटो मुझे ईमेल की।फोटो में भाभी क्या माल लग रही थी।मैंने पहली बार में ही फोटो देख कर रूम में मूठ मार ली।फिर धीरे धीरे भाभी से फ़ोन पर बात होने लगी।मैंने इशारों ही इशारों में भाभी को बताया कि मैं जवान हो चुका हूँ और मुझे लड़की की जरूरत है।भाभी बार बार कहती- लड़की के साथ क्या करोगे?इसी तरह जब एक दिन उन्होंने कहा तो मैंने बोल दिया- जो आप भैया के साथ करती हो…
तो उन्होंने कहा- तुम बिगड़ गए हो।ऐसे ही भाभी के संग गर्म और खट्टी मीठी बातें करते करते मेरी परीक्षा ख़त्म हुई और मैं घर आ गया।


जब मैंने भाभी को पहली बार देखा तो वो लाल रंग की साड़ी पहने हुए थी, गहरे गले के ब्लाउज में उनके नितम्ब मानो बाहर आने कोबेताब हो रहे थे।मेरा लौड़ा तुरंत खड़ा हो गया और मैंने किसी तरह उसे संभाला और बाथरूम जाकर मूठ मारी।अब मैं हर समय इस ताक में रहता कि कब भाभी के संग कुछ करने का मौका मिले।भाभी भी मुझे सबकी नजरों से बच कर कभी आँख मारती तो कभी मेरे खड़े लंड की ओर इशारा करती।
इसी तरह छः दिन बीत गये।एक दिन अचानक भैया को किसी काम से बाहर जाना पड़ा।मैंने सोचा कि मौका अच्छा है अब जल्द ही कुछ करना पड़ेगा।गर्मियों के दिन थे तो रात को सब नहा कर सोते थे।उस दिन जब रात को भाभी के नहाने का समय हुआ तो मैं जान बूझ के बाथरूम में चला गया और नंगा होकर नहाने लगा।मैंने जानकर दरवाज़ा बंद नहीं किया था।थोड़ी देर बाद भाभी आई और बाथरूम में घुसी।जब मैंने उनको देखा तो लंड छुपाने का नाटक करते हुए सॉरी बोलने लगा।मगर उन्होंने कहा- मैं भी तो देखूँ, तुम्हारा कैसा है और जो तुम्हारे भैया मेरे साथ करते हैं वो तुम कर पाओगे या नहीं?तो मैंने हाथ हटाए और मेरा सात इंच लम्बा और तीन इंच मोटा लंड सामने आ गया।भाभी मेरे नजदीक आई और लंड सहलाते हुए बोली- वाह देवर जी, यह तो तैयार है।ये कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तो मैंने मौका ना खोते हुए बोला- तो करने दो न मुझे भी?इस पर वो बोली- अभी मम्मी पापा जगे हुए हैं थोड़ी देर बाद वो सो जायेंगे तब तक मैं नहा कर आती हूँ।फिर भी मैंने जिद की- कम से कम इसे सुला तो दो!तो उन्होंने मेरे लंड को मुख में लेकर चूसना शुरु किया और पांच मिनट में मैं उनके मुँह में ही झड़ गया।फिर मैं अपने कमरे में आकर सो गया।थोड़ी देर बाद मुझे शरीर पर कुछ रेंगता हुआ लगा।मैं पलटा तो देखा कि भाभी काले रंग की साड़ी पहने मुझे सहला रही हैं।मैं तुरंत उनको किस करने लगा तो उन्होंने कहा- देवर जी इतनी क्या जल्दी है, अभी चार दिन हमारे हैं। आपके भैया चार दिन बाद आयेंगे!

कहते हुए वो मेरी हाथ पकड़ कर मुझे अपने कमरे में ले गई।अन्दर जाने के साथ मैं उन्हें किस करने लगा।अब वो भी मुझे एक हवसी की तरह चूमे जा रही थी।दस मिनट तक चूमने के बाद मैंने उसके कपड़े उतारने शुरु किये।वो भी मुझे नंगा कर रही थी।अब वो सिर्फ काले रंग की ब्रा और पैंटी में थी।उफ़ क्या लग रही थी वो…मेरा लंड तो अंडरवियर फाड़ कर बाहर आने को आतुर हो रहा था।फिर मैंने भाभी की ब्रा हटा कर उनके चूचे दबाने शुरु कर दिये, वो भी धीरे धीरे मेरा लंड सहलाने लगी।अब हम दोनों पूरी तरह नंगे हो चुके थे और मैं अपनी भाभी की चिकनी चूत चाटने लगा।पता नहीं कैसा खट्टा मीठा नमकीन सा स्वाद था भाभी की गर्म और गीली चूत का !फिर 69 में आकर हम दोनों ने आठ मिनट तक एक दूसरे को चूम-चाट कर मज़ा दिया।अब वो पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और बोलने लगी- जल्दी से चोद दो मुझे…ये कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।तो मैंने अपना लंड भाभी की चूत से रगड़ते हुए एक ही झटके में आधा अन्दर डाल दिया।वो बोली- आराम से डालो… दर्द होता है।थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने दूसरा झटका लगाया और पूरा लंड अन्दर डाल दिया।अब मैं धीरे धीरे लंड अन्दर बाहर करने लगा।करीब दस मिनट तक चोदने के बाद मैं उनकी बुर में ही झड़ गया।इस तरह मैंने अगले चार दिन तक दिन रात 9 बार अपनी भाभी को चोदा।फिर भैया भी आ गए और मेरी छुट्टियाँ भी ख़त्म हो गई।अब मैंने कैसे भाभी की बहन को चोदा, वो अगली कहानी में…कैसी लगी भाभी की सेक्स स्टोरी , अच्छा लगी तो शेयर करना , अगर कोई मेरी भाभी की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/AnjaliKumari

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