घोड़ी बना कर मौसी की गांड मारी

ये चुदाई कहानी मेरी और मेरी मासी की है.मेरी मासी की उम्र ३६ साल है, हाइट ५.३ इंच और रंग गोरा है. टिपिकल पंजाबी बॉडी है. बड़े बूब्स और बाहर निकली हुई गांड. हमेशा पंजाबी सूट पहनती है. मेरा मौसा दुबई में रहते है. मेरी मासी का नाम राज है और उनके दो बेटे है और एक बेटी है.बात उन दिनों की है, जब एक बार मासी ने मुझे अपने यहाँ बुलाया. क्योंकि उनके बच्चे छोटे है और उनके घर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था. मैं घर की कंस्ट्रक्शन के काम पर नज़र रखता था और उनको रॉ मटेरियल लाकर देता था. गर्मियों ने दिन थे. मेरी मासी के बच्चे अपने नाना के घर चले गये. पर काम की वजह से मैं और मासी नहीं जा पाए. एकदिन, बहुत तेज बारिश आ गयी और कंस्ट्रक्शन का काम छोड़कर मजदुर अपने- अपने घर चले गये.
मैं जानवरों को चारा डाला और जानवरों को अन्दर बांध दिया. मेरी मासी का घर गाँव से बाहर खेतो में है, जहाँ कोई ज्यादा आता- जाता नहीं था. बारिश रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी. बारिश की वजह से सब कुछ भीग गया था. मासी ने आंगन में रस्सी पर सुख रहे कपड़ो को उतारा, तो उनका सूट भीग गया और उन्होंने गर्मी के कारण बहुत पतला सूट पहना था. उनके भीगे सूट से उनका पूरा जिस्म चिपक रहा था. मैंने नोटिस किया, कि उन्होंने काली ब्रा पहनी थी और पेंटी नहीं पहनी हुई थी.अचानक उनका ध्यान मेरी तरफ गया और उन्होंने एक हलकी सी स्माइल दी. ये कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।शायद वो समझ गयी थी, कि मैं क्या ध्यान से देख रहा हु. ख़ैर, हम अन्दर आ गये और कपड़े चेंज किये. मैंने टीशर्ट और निकर पहन ली और मासी ने दूसरा सूट. मासी ने चाय बना दी. बारिश कुछ कम हुई पर लगातार जारी थी. कुछ देर बाद, हमारी लाइट भी चली गयी. मणि ने खाने के बारे में पूछा, तो मैंने मना कर दिया कि भूख नहीं है. ख़ैर रात को बारिश रुक गयी, पर लाइट नहीं आई. तो मैंने मासी से कहा, कि मैं छत पर जा रहा हुसोने के लिए. बाहर ठंडी हवा चल रही थी. तो मासी ने कहा, कि वो भी साथ ही चल रही है. हमने नीचे का डोर लॉक किया और कुत्ते को खुल्ला छोड़ दिया और खुद छत पर चले गये. मैंने अपना बिस्तर चारपाई पर लगाया और मासी मेरे साथ ही लेट गयी. उनका फेस मेरी तरफ था. हम बातें करने लगे. सब तरफ अँधेरा था, बातो- बातो में, मासी ने मुझसे पूछा कि तब क्या देख रहे थे. तो मैंने बोला – कब? तो मासी ने कहा, कि भोला मत बन.तुझे सब पता है. तो मैंने कह दिया कि आप गीले कपड़ो में बहुत अच्छी लग रही थी और सेक्सी भी. मासी हँसने लगी और मुझे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा. मैंने कहा, कि हाँ है. तो उन्होंने पंजाबी में पूछा, कि मैंने उसकी ली है कि नहीं? तो मैं चौक गया. पर कह दिया – “नहीं”. तो मासी बोली, तो फिर गर्लफ्रेंड रखने का क्या फायदा.

मैंने मासी से पूछा, की मौसा यहाँ नहीं रहते, तो आप क्या करती है. उन्होंने कहा, कि किसी को बताना मत. उसने कहा – कि वो गाजर- मुली या किसी और से काम चला लेती है. पर नहीं चुद्वाती है. तो मैंने पूछा – क्यों? वो बोली – उसकी एक बेटी है और अगर किसी को पता चल गया तो बड़ी बदनामी होगी. उस पर असर पड़ेगा. इन बातो से मेरा लंड खड़ा हो चूका था, मैंने मासी का हाथ पकड़ा तो उसने कुछ नहीं कहा. मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैंने मासी का हाथ अपने लंड पर रख दिया. मासी ने फोरन मेरा लंड पकड़ा और मैं उन्हें लिप किस करने लगा. ३-४ मिनट किस के बाद, मैंने मासी की कमीज़ उतार दी और सलवार का नाडा खोलकर उसे भी उतार दिया और खुद भी पूरा नंगा हो गया. मैंने अपनी मासी का पूरा शरीर चूमना स्टार्ट कर दिया. सर से लेकर पेरो तक.फिर मैंने मासी को ६९ पोजीशन में लेकर उसकी चूत चाटनी शुरू की और उसने मेरा लंड अपने मुह में लेकर चुसना शुरू कर दिया. ये कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।मेरी जीभ ने असर दिखाया और मासी की चूत ने पानी छोड़ दिया. ख़ैर, मैं सारा नमकीन पानी पी गया और मासी मेरा लंड चूस रही थी. फिर, मैंने मासी को उठाकर चारपाई पर लिटाया और उनकी टांगो के बीच में बैठ गया. और अपना लंड उनकी चूत के साथ सटा दिया. फिर, मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा आधा लंड उनकी चूत में चले गया. उनके मुह से हलकी सी चीख निकली.फिर मैंने दो- तीन धक्के और लगाये. तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में उतर गया. मैं रुक कर उनके बूब्स चूसने लगा और फिर धक्के मारने शुरू किये. अब मासी भी मेरा साथ दे रही थी. अचानक मासी की आवाज़ निकलने लगी और उसने अपनी दोनों टाँगे हवा में उठा ली. और अपनी गांड उठा- उठा कर ४-५ जोरदार झटके मारे और पानी छोड़ दिया. उन्हें देखकर मुझे भी जोश आ गया और मैंने स्पीड बड़ा दी. २-३ मिनट बाद, मैं भी उनकी चूत में ही झड़ गया. फिर, मैं मासी के ऊपर से उतर गया.

फिर मासी ने मेरा लंड अपने मुह में लिया और चूसने लगी. देखते ही देखते, मेरा लंड दोबारा खड़ा हो गया. मैंने मासी को अपने बॉल लिक्क करने को कहा. तो उसने वैसे ही किया. वो बारी- बारी मेरा एक बॉल मुह में लेकर चूसती. कुछ देर बाद, वो मेरे ऊपर आ गयी और अपनी चूत के साथ मेरा लंड लगा कर उसपर बैठ गयी. उनकी चूत मेरा लंड पूरा निगल गयी और वो मेरे लंड पर उठ- बैठ रही थी. वो मेरा लंड तक़रीबन सारा बाहर निकालती और फिर पुरे जोर से अपनी गांड नीचे लाती. मैं तो जैसे स्वर्ग में था. एक बार बीच में रूककर उसने अपनी चूत को मेरे लंड पर टाइट किया और मेरे निप्पल मुह में लेकर चूसने लगी, तो मुझे बहुत मज़ा आया. कुछ देर बाद, वो थक गयी और मैंने उन्हें नीचे उतार लिया और छत पर दिवार के सहारे लगाकर घोड़ी बनाया और लंड उनकी चूत में डालकर झटके मारने लगा. कुछ देर बाद, वो झड़ने वाली थी, तो उसने अपनी गांड मेरे लंड पर जोर से आगे- पीछे करनी शुरू कर दी और कुछ देर बाद, ये कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।उसने और मैंने एक साथ पानी छोड़ दियां. फिर, छत पर हमने खड़े होकर देखा. तो हर तरफ अँधेरा था. मैं उसके पीछे आ गया और खड़ा हो गया. और लंड को उसकी गांड पर रगड़ने लगा. वो भी अपनी गांड पीछे करके मेरे लंड पर दवाब डाल रही थी. फिर, वो मेरी तरफ फेस करके नीचे बैठ गयी और मेरा लंड पकड़ कर मुह में लेकर चूसने लगी. जब लंड थोडा खड़ा हुआ, तो मैंने उसकी माउथ फकिंग शुरू कर दी. उसके हाथ मेरे चुतड पर थे और ५-६ मिनट के बाद, मैंने उससे कहा – मेरा पानी निकलने वाला है. मैंने लंड बाहर निकालने की कोशिश की, पर उसने लंड बाहर नहीं निकाला और जब मेरे लंड पानी छोड़ा. तो वो सारा पानी पी गयी और मेरा लंड भी चाट कर साफ़ कर दिया.हम चारपाई पर बैठ कर बात करने लगे. मैं उसके थाई को सहला रहा था. वो बोली – क्या अभी दिल नहीं भरा? मैंने कहा, कि कैसे भरेगा. तुम्हारा अभी एक होल तो अनटच है, तो वो हंस पड़ी. वो बोली – उसे भी फाड़ डाल. मैंने कब मना किया है. उसने मेरे लंड अपने हाथ में ले लिया और सहलाने लगी. मैं उसके बूब्स दबाने लगा. फिर, उसने मेरे लंड को मुह में लेकर चुसना शुरू किया और देखते ही देखते, मेरा लंड तन गया. मैंने उसे चारपाई पर पेट के बल लिटाया और उसके पेट के नीचे तकिया लगा दिया.

जिससे उसकी गांड काफी ऊपर को उठ गयी. उसने अपनी टांगो को फैला लिया. यारो क्या नज़ारा था! मैं उसकी टांगो के बीच में बैठ गया और उसकी चूत के पानी से अपनी एक ऊँगली को गीला करके उसकी गांड में डाल दी. उसे दर्द हुआ, पर मैं नहीं रुका और ऊँगली अन्दर- बाहर करने लगा. फिर, मैंने दो उंगलिया डाल दी और फिर तीन. फिर, जब मुझे लगा कि अब उसकी गांड तैयार है, तो मैं उठा और उसके मुह के पास लंड लेजाकर उसके मुह में डाल दिया. मैंने उसे अपना लंड गीला करने को कहा. मौसी ने अपने थूक से मेरा लंड पूरा गीला कर दिया. मैंने वापिस मौसी की गांड के पास आकर बैठा और मौसी की गांड पर लंड रखकर झटका मारा. लंड सिर्फ १.५ इंच तक अन्दर गया. उसकी चीख निकल गयी.अब मुझे भी दर्द हुआ. मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा और फिर ३-४ धक्के और कस- कसकर मारे, तो मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया. ये कहानी आप नीऊ चुदाई की कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है।उसकी चीख निकल गयी. पर उसकी चीख सुनने वाला कोई नहीं था. ख़ैर, जब वो कुछ नार्मल हुई. तो वो भी मेरा साथ देने लगी. मैं झटके मार रहा था. पर इस बार मेरा पानी जल्दी नहीं निकलने वाला था. मैं कुछ देर बीच में रुका, तो उसने मुझे बताया, कि मेरी दूसरी दूसरी मासी की चूत भी चाहिए. उसका नाम सुखी था. तो मैंने कहा – वो कैसे मिलेगी? वो तो बहुत शरीफ है. मासी बोली, जितनी बड़ी गश्ती वो है, और कोई भी नहीं. उसने कहा, कि मैं तुझे उसकी चूत दिलवा दूंगी. मैं खुश हो गया और जोश में आकर जोर – जोर से धक्के मारने लगा. चारपाई भी अलग- अलग तरह की आवाज़े निकाल रही थी. और मौसी भी… मासी कहने लगी पंजाबी में… “मार, मेरी गांड मार… फाड़ दे. मेरा पानी निकल गया. हाई मम्मी… मर गयी… मासी की बातो से मुझे जोश आ गया और मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी और कुछ जोरदार धक्को के बाद, मासी की गांड में मैंने अपना पानी छोड़ दिया और निढाल होकर उसकी पीठ पर लेट गया.कैसी लगी मौसी की गांड मारने की कहानी, रिप्लाइ जररूर करना , अगर कोई मेरी मौसी की चूत की चुदाई करना चाहते हैं तो उसे अब जोड़ना Facebook.com/ReshmaKumari

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